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#हिंदीहैंहम: हिंदी सबकी शान, सबको एक सूत्र में पिरोती
Thu, 03 Sep 2020 03:24 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊना
अमर उजाला नेटवर्क, ऊना
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 03 Sep 2020 03:24 PM IST
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अमनदीप कौर, इकबाल कौर ट्विंकल
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से हिंदी में स्नातकोत्तर और रंगमंच कलाकार अमनदीप कौर का कहना है कि हिंदी हमारी जड़ों में है। हिंदी सबकी शान है और हिंदी हमारी भारतीयता की प्रतीक है। इसके उच्चारण में संगीत की स्वर लहरियां हैं। हमारे देश के साहित्यकारों ने हिंदी को निरंतर समृद्ध किया है। कवियों ने हिंदी में नई लय भरी है। हिंदी में लगातार नया सृजन हो रहा है। हिंदी हमें एक सूत्र में जोड़ती है। हिंदी के साहित्यकारों की रचनाएं विश्व भर में अनुदित हुई हैं। सोशल मीडिया पर भी हिंदी की धूम है।
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आईटी इंजीनियर, कवयित्री इकबाल कौर ट्विंकल का कहना है कि हिंदी अब बड़ी तेजी से वैश्विक भाषा बनने की ओर अग्रसर है। दुनिया के कई देशों में रह रहे भारतवंशी न केवल अपनी संस्कृति को सहेज कर रखे हुए हैं बल्कि विदेशों में हिंदी की धूम भी मचा रहे हैं। हिंदी हमें एक सूत्र में पिरो रही है और दुनिया के कई देशों के युवाओं में अब हिंदी सीखने का रुझान बढ़ रहा है। हिंदी के भजन और गीत विदेशियों के मुख से सुनना बहुत सुखद लगता है। हिंदी की बात चलते ही हमारा स्वाभिमान हिलोरे लेने लगता है।
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