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अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान: पांवटा अस्पताल में हृदय रोगियों की जांच के लिए लगेगी नई मशीन

Sun, 27 Mar 2022 03:47 PM IST
अरविन्द ठाकुर सुरेश तोमर, संवाद न्यूज एजेंसी, पांवटा साहिब (सिरमौर)
सुरेश तोमर, संवाद न्यूज एजेंसी, पांवटा साहिब (सिरमौर) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 27 Mar 2022 03:47 PM IST
सार

सिविल अस्पताल पांवटा साहिब प्रभारी डॉ. अमिताभ जैन ने बताया कि डिफिब्रिलेशन कार्डियक अरेस्ट के उपचार का प्रभावी तरीका है। इसके लिए आरकेएस से भी मंजूरी मिल चुकी है। शीघ्र अस्पताल प्रबंधन डिफिब्रिलेटर थैरेपी मशीन स्थापित करेगा।

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amar ujala health abhiyan  New machine will be installed in paonta sahib hospital for heart patients check up
स्वास्थ्य अभियान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में शीघ्र ही डिफिब्रिलेटर थैरेपी मशीन स्थापित होगी। इससे गंभीर हालत में पहुंचने वाले हृदय घात के मरीजों की जान बचाई जा सकेगी। इस मशीन के अस्पताल में न होने से कई बार गंभीर हालत के चलते मरीज हायर सेंटर पहुंचने से पहले दम तोड़ देते हैं। थैरेपी मशीन से हृदय मांस पेशियों की हरकत को बिजली के झटके से नियंत्रित किया जाता है। इससे हृदयघात वाले मरीजों की जान बचाई जा सकती है। बता दें कि पिछले कुछ वर्षों से हृदय घात से जान गंवाने वाले मामलों में इजाफा हो रहा है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि कार्डियक अरेस्ट तब होता है, जब अचानक से दिल को किसी तीव्र गतिविधि के कारण नुकसान होता है। हृदय कार्य में व्यवधान होने से शरीर के अन्य हिस्सों की खून की सप्लाई भी प्रभावित होती है। तत्काल उपचार नहीं मिलने पर व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से ऐसे मरीजों को पहले सिविल अस्पताल पांवटा पहुंचाया जाता है। अस्पताल से हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर किया जाता है।
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कई बार तो मरीज विशेषज्ञ या किसी बेहतर अस्पताल तक पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देता है। इसलिए, सिविल अस्पताल प्रबंधन यहां डिफिब्रिलेटर थैरेपी की मशीन स्थापित करने के लिए गंभीर है। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब प्रभारी डॉ. अमिताभ जैन ने बताया कि डिफिब्रिलेशन कार्डियक अरेस्ट के उपचार का प्रभावी तरीका है। इसके लिए आरकेएस से भी मंजूरी मिल चुकी है। शीघ्र अस्पताल प्रबंधन डिफिब्रिलेटर थैरेपी मशीन स्थापित करेगा ताकि हृदय घात के मरीज को तत्काल उपचार मिलने से बचाया जा सके। 
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हृदय घात होने पर तुरंत उपचार जरूरी : डॉ. जैन
सिविल अस्पताल प्रभारी डॉ. अमिताभ जैन ने बताया कि हृदय घात होने पर तुरंत उपचार जरूरी है। इस तकनीक के माध्यम से हार्ट को इलेक्ट्रिक शॉक दिया जाता है। हृदय की मांसपेशियों की हरकत को बिजली के झटके देकर सामान्य रिदम में वापस लाने एवं नियंत्रित करने के प्रयासों से रोगी को बचाने के हर संभव प्रयास हो सकते है। इस थैरेपी से अचानक होने वाले हृदयघात में मरीजों की जान बचाने में काफी मदद मिल सकती है।

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