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अमर उजाला शिक्षा अभियान: ऑफलाइन पढ़ाई से पूरी की जा रही नुकसान की भरपाई
Sat, 26 Mar 2022 04:00 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 26 Mar 2022 04:00 PM IST
सार
सीनियर सेकेंडरी स्कूल कियाणी के शिक्षक विजय जरयाल ने बताया कि पूरा सिलेबस ऑनलाइन करवा दिया था। बच्चे पढ़ाई में कमजोर थे। परीक्षाएं नजदीक थीं, इसलिए स्कूल खुलते ही महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
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शिक्षा अभियान
- फोटो : संवाद
विस्तार
स्कूल खुलने के बाद अब व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी है। कोविड नियमों के तहत बच्चे पूरे उत्साह के साथ स्कूल पहुंच रहे हैं। कोरोना काल में पढ़ाई में पिछड़े बच्चों के शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए अध्यापक भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। स्कूलों में अब विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ी है। स्कूल खुलते ही जिले में बच्चों की जहां तीस प्रतिशत उपस्थिति थी, वह अब नब्बे प्रतिशत तक पहुंच गई है। स्कूलों में ऑफलाइन परीक्षाएं होने से बच्चों में खूब उत्साह देखा जा रहा है। बच्चों का कहना है कि कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई से उन्हें काफी नुकसान हुआ। अब ऑफलाइन पढ़ाई से इसकी भरपाई हो जाएगी।
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सीनियर सेकेंडरी स्कूल कियाणी के शिक्षक विजय जरयाल ने बताया कि पूरा सिलेबस ऑनलाइन करवा दिया था। बच्चे पढ़ाई में कमजोर थे। परीक्षाएं नजदीक थीं, इसलिए स्कूल खुलते ही महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
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सीनियर सेकेंडरी स्कूल चकलू के अध्यापक पवन कुमार का कहना है कि शुरुआत में स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति काफी कम रही लेकिन, धीरे-धीरे बच्चों की संख्या बढ़ती गई। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के दौरान हर घर पाठशाला के तहत ऑनलाइन बच्चों को पढ़ाया गया।
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सीनियर सेकेंडरी स्कूल संधी के अध्यापक ओम प्रकाश आजाद का कहना है कि मोबाइल की नजदीकियों ने बच्चों को पढ़ाई से दूर किया। अब शिक्षक भी यही प्रयास कर रहे हैं कि बच्चों को ज्यादा से ज्यादा ऑफलाइन पढ़ाया जाए।
सीनियर सेकेंडरी स्कूल कियाणी के अध्यापक अमित जरयाल का कहना है कि वर्तमान में परीक्षाओं का दौर चल रहा है। बच्चे शत प्रतिशत स्कूल पहुंच रहे हैं। ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होते ही बच्चों को परीक्षा की तैयारी करवाई गई।
अभिभावक मनोज शर्मा का कहना है कि उनके दोनों बच्चे दसवीं और नौवीं में पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल खुलने के बाद बच्चे रोजाना स्कूल जा रहे हैं। इससे अभिभावकों को भी राहत मिली है।
अभिभावक राजीव शर्मा का कहना है कि उनकी बेटी जमा एक कक्षा में पढ़ाई कर रही है। उन्होंने बताया कि कोरोनाकाल के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई हुई लेकिन, अब बेटी ऑफलाइन पढ़ाई रही है।
कियाणी स्कूल की छात्रा जिया का कहना है कि स्कूल खुलने के बाद पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियां भी हो रही हैं। बताया कि ऑनलाइन घर में ही बैठने को मजबूर हो गए थे।
स्कूली छात्रा रूपाली का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान कई बार मोबाइल नेटवर्क बाधा बनता था, लेकिनऑफलाइन पढ़ाई में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है।
स्कूली छात्रा पलक का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई काफी परेशानी भरी रही। इससे आंखों पर बोझ पड़ता था और कई बार दर्द भी होता था।
छात्रा तृषा का कहना है कि घर में पढ़ाई करना काफी मुश्किल रहा। अब ऑफलाइन पढ़ाई से काफी राहत मिल रही है। पढ़ाई का माहौल स्कूलों में बन रहा है।