फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   altecation between panel and candidates over awards in gaiety theatre.

हिंदी दिवस पर बच्चों को बोला 'गेट आउट'

Mon, 15 Sep 2014 08:24 AM IST
Updated Mon, 15 Sep 2014 08:24 AM IST
विज्ञापन
altecation between panel and candidates over awards in gaiety theatre.

हिंदी दिवस के मौके पर विद्यार्थियों को अंग्रेजी में दुत्कार मिली। मौका था राजधानी शिमला में भाषा एवं संस्कृति विभाग के राज्य स्तरीय हिंदी दिवस समारोह का। पुरस्कार समारोह के बाद मुख्य अतिथि के गेयटी थियेटर से बाहर निकलते ही वाद विवाद और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के प्रतिभागी मंच पर पहुंच गए।

विज्ञापन


प्रतिभागियों ने मंच संचालन कर रहे भाषा एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी को घेर लिया और रिजल्ट दिखाने की मांग करने लगे। बच्चे परिणाम में गड़बड़झाला करने का आरोप लगाने लगे। खुद को घिरा देख तैश में आकर अधिकारी ने बच्चों को ‘गेट आउट फ्रॉम हेयर’ कहकर बाहर जाने को कह दिया।
विज्ञापन


इसके बाद अधिकारी खुद लंच करने के लिए रिज मैदान स्थित आलीशान रेस्टोरेंट पहुंच गए। बच्चे गेयटी थियेटर से अधिकारी का पीछा करते हुए रेस्टोरेंट के भीतर घुस गए और लंच के लिए बैठे अफसर को वहीं घेर लिया। बच्चों का कहना था कि प्रतियोगिता में ऐसे लोगों को पुरस्कृत किया गया जिन्होंने प्रतियोगिता की शर्तों को पूरा ही नहीं किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

आरोप, शिमला के बच्चों को दी तरजीह

altecation between panel and candidates over awards in gaiety theatre.

प्रतियोगिता में पेपर रीडिंग करने की मनाही थी लेकिन पर्चा पढ़कर बोलने वाले को पुरस्कार दिया गया। मंच छोड़कर पानी पीने गए बच्चे को प्रतियोगिता से बाहर करने के स्थान पर पुरस्कार दिया गया। इतना ही नहीं मंच पर बोलने के लिए दिए गए समय को पूरा न करने वाले प्रतियोगी को भी पुरस्कार दे दिया गया।

सिरमौर, शिलाई, घुमारवीं और हमीरपुर और बिलासपुर के बच्चों का आरोप था कि प्रतियोगिता में शिमला के बच्चों को तरजीह दी गई है और दूरदराज क्षेत्रों से आए छात्रों की प्रतिभा की अनदेखी की गई है।

भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक अरुण कुमार शर्मा ने कहा कि निर्णायक मंडल ने जो निर्णय दिया, उसके आधार पर ही प्रतियोगिता के विजेताओं को चुना गया और पुरस्कार दिए गए। विद्वान लोगों को ही निर्णायक मंडल में रखा गया था। परिणामों को लेकर विद्यार्थियों को शिकायत नहीं होनी चाहिए थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed