हिंदी दिवस पर बच्चों को बोला 'गेट आउट'
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हिंदी दिवस के मौके पर विद्यार्थियों को अंग्रेजी में दुत्कार मिली। मौका था राजधानी शिमला में भाषा एवं संस्कृति विभाग के राज्य स्तरीय हिंदी दिवस समारोह का। पुरस्कार समारोह के बाद मुख्य अतिथि के गेयटी थियेटर से बाहर निकलते ही वाद विवाद और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के प्रतिभागी मंच पर पहुंच गए।
प्रतिभागियों ने मंच संचालन कर रहे भाषा एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी को घेर लिया और रिजल्ट दिखाने की मांग करने लगे। बच्चे परिणाम में गड़बड़झाला करने का आरोप लगाने लगे। खुद को घिरा देख तैश में आकर अधिकारी ने बच्चों को ‘गेट आउट फ्रॉम हेयर’ कहकर बाहर जाने को कह दिया।
इसके बाद अधिकारी खुद लंच करने के लिए रिज मैदान स्थित आलीशान रेस्टोरेंट पहुंच गए। बच्चे गेयटी थियेटर से अधिकारी का पीछा करते हुए रेस्टोरेंट के भीतर घुस गए और लंच के लिए बैठे अफसर को वहीं घेर लिया। बच्चों का कहना था कि प्रतियोगिता में ऐसे लोगों को पुरस्कृत किया गया जिन्होंने प्रतियोगिता की शर्तों को पूरा ही नहीं किया।
आरोप, शिमला के बच्चों को दी तरजीह
प्रतियोगिता में पेपर रीडिंग करने की मनाही थी लेकिन पर्चा पढ़कर बोलने वाले को पुरस्कार दिया गया। मंच छोड़कर पानी पीने गए बच्चे को प्रतियोगिता से बाहर करने के स्थान पर पुरस्कार दिया गया। इतना ही नहीं मंच पर बोलने के लिए दिए गए समय को पूरा न करने वाले प्रतियोगी को भी पुरस्कार दे दिया गया।
सिरमौर, शिलाई, घुमारवीं और हमीरपुर और बिलासपुर के बच्चों का आरोप था कि प्रतियोगिता में शिमला के बच्चों को तरजीह दी गई है और दूरदराज क्षेत्रों से आए छात्रों की प्रतिभा की अनदेखी की गई है।
भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक अरुण कुमार शर्मा ने कहा कि निर्णायक मंडल ने जो निर्णय दिया, उसके आधार पर ही प्रतियोगिता के विजेताओं को चुना गया और पुरस्कार दिए गए। विद्वान लोगों को ही निर्णायक मंडल में रखा गया था। परिणामों को लेकर विद्यार्थियों को शिकायत नहीं होनी चाहिए थी।