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Bilaspur: एम्स और फोरलेन ने युवाओं के लिए खोले रोजगार के द्वार, रेहड़ी-फूड वैन से कमा रहे आजीविका
Sat, 10 Jun 2023 01:31 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 10 Jun 2023 01:31 PM IST
सार
एम्स खुलने के बाद जो कमरा पहले 3,000 रुपये में प्रति माह मिलता था, वो अब 4,000 से 5,000 रुपये तक मिल रहा है। 1,500-2500 रुपये में मिलने वाला कमरा 2,500 से 3,500 रुपये में मिल रहा है।
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एम्स के बाहर युवाओं की ओर से रेहड़ी लगाकर शुरू किया गया कारोबार। बिलासपुर में फोरलेन के किनारे लगाई गई फूड वैन।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
एम्स, फोरलेन और रेल लाइन ने जिले के युवाओं के लिए स्वरोजगार के द्वार खोले हैं। युवा पीजी, होटल, रेस्टोरेंट, ट्रांसपोर्ट, फूड वैन जैसे काम में निवेश कर रहे हैं। एम्स के बाहर और फोरलेन किनारे जगह-जगह फूड वैन और कॉर्नर लगाकर युवा अच्छी आजीविका कमा रहे हैं। जबकि कई युवा कोठीपुरा, नौणी, नोआ और राजपुरा क्षेत्र में किराये के कमरों की बढ़ती मांग को लेकर गई भवन निर्माण में निवेश कर रहे हैं।
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साथ इन क्षेत्रों में कमरों के किराये में भी 1,000 से 2,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई। एम्स की नार्सिंग ऑफिसर, सुरक्षा गार्ड सहित अन्य कर्मचारी इन क्षेत्रों में किराये के कमरों में रह रहे हैं। एम्स खुलने के बाद जो कमरा पहले 3,000 रुपये में प्रति माह मिलता था, वो अब 4,000 से 5,000 रुपये तक मिल रहा है। 1,500-2500 रुपये में मिलने वाला कमरा 2,500 से 3,500 रुपये में मिल रहा है। वहीं, एम्स में आने वाले लोगों और मरीजों की खाद्य पदार्थों की मांग ने भी स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए हैं।
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एम्स के बाहर जिस स्थान पर कुछ माह पहले एक भी दुकान नहीं होती थी, वहां आज दर्जनों फूड वैन और रेहड़ी लगी रहती है। इसके अलावा कई युवा किराना स्टोर, टी-स्टाल, दवा स्टोर, ट्रांसपोर्ट सेवा सहित कई काम स्वरोजगार के रूप में शुरू कर रहे हैं। उधर, रेल लाइन और फोरलेन निर्माण में भी स्थानीय युवा को रोजगार मिला है। युवाओं ने ऋण लेकर इन योजनाओं ने अपने वाहन लगाए हैं, जिनका कंपनी की ओर से उन्हें प्रति माह भुगतान किया जा रहा है।
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फूड वैन से स्वरोजगार, रोजाना 4,000 तक हो रही सेल
कोटधार के बिट्टू परमार ने फूड वैन को स्वरोजगार के रूप में अपनाया है। बिट्टू ने अपनों दोस्तों के साथ यह काम कर रहे हैं। वह रोजाना फोरलेन पर औहर में दो मंजिला फूड वैन को लगाते हैं। बिट्टू का कहना है कि अभी फोरलेन पूरी तरह से शुरू भी नहीं हुआ लेकिन वह फिर भी 3,000 से 4,000 रुपये की सेल कर रहे हैं। फोरलेन से उन्हें अच्छा स्वरोजगार
प्राप्त हुआ है।