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Shimla: एनएचएआई के अफसरों से मारपीट पर पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध पर FIR, सिर पर पानी का घड़ा मारने का आरोप

Tue, 01 Jul 2025 09:43 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 01 Jul 2025 09:43 PM IST
सार

भट्ठाकुफर की माठू कालोनी में बहुमंजिला भवन जमींदोज होने के बाद एनएचएआई के अधिकारियों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है।

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After the five storey building collapsed, two NHAI officials were accused of assault in front of the minister,
भट्टाकुफर इलाके में जमींदोज हुआ पांच मंजिला मकान। - फोटो : संवाद

विस्तार

एनएचएआई के अधिकारियों के साथ मारपीट के मामले में पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह समेत अन्य के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। एनएचएआई शिमला के प्रबंधक अचल जिंदल की शिकायत पर ढली पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सोमवार दोपहर को भट्ठाकुफर की माठू कॉलोनी में बहुमंजिला भवन के जमींदोज होने के बाद पंचायती राज मंत्री प्रशासन के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि मंत्री समेत कुछ लोग एनएचएआई के अधिकारियों को कमरे में ले गए और मारपीट करने लगे। दोनों अधिकारी लहूलुहान मौके से जान बचाकर भागे और खुद अपनी गाड़ी से आईजीएमसी अस्पताल उपचार करवाने के लिए पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मारपीट का आरोप है। वहीं, केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को चिट्ठी लिखकर घटना को निंदनीय बताते हुए तत्काल कार्रवाई करने और अधिकारियों को सुरक्षा देने को कहा है।

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प्रबंधक ने शिकायत में लगाए ये आरोप
एनएचएआई के प्रबंधक अचल जिंदल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 30 जून को उप मंडलाधिकारी शिमला ग्रामीण ने उन्हें अपने कार्यालय में सुबह 11:30 बजे बैठक के लिए बुलाया। वह और साइट इंजीनियर योगेश वर्मा दोनों जब एसडीएम ग्रामीण कार्यालय में पहुंचे तो वह वहां मौजूद नहीं थे। उन्हें भट्ठाकुफर आने के लिए कहा गया। जब दोनों मौके पर पहुंचे तो एसडीएम ग्रामीण के साथ मंत्री अनिरुद्ध सिंह और कुछ लोग मौजूद थे। जिंदल ने पुलिस को बयान दिया कि इस दौरान मंत्री को बहुमंजिला भवन गिरने के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद दोनों अधिकारियों को समीप के ही एक निजी व्यक्ति के कमरे में बुलाया। आरोप है कि लोगों की मौजूदगी में मारपीट शुरू की गई। इस दौरान पानी का घड़ा अधिकारी के सिर पर मारा गया, जिससे खून बहने लगा। जब साइट इंजीनियर ने उन्हें बचाने का प्रयास किया तो मारपीट की गई। इसमें दोनों को गंभीर चोटें आईं। मारपीट के दौरान मौजूद रहे एसडीएम ग्रामीण ने भी किसी तरह की मदद नहीं की। इसके बाद दोनों जान बचाकर मौके से भागे और अपनी गाड़ी से आईजीएमसी पहुंचे। पुलिस ने मेडिकल के बाद पंचायती राज मंत्री समेत अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा, 132, 121(1), 352, 126(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएसपी शिमला संजीव गांधी ने मामले पर किसी टिप्पणी से इन्कार किया है।

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मुख्य सचिव ने दिया जवाब, एफआईआर दर्ज की जा चुकी, जांच जारी
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को पत्र लिखा कि इस तरह घटना न केवल राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि फील्ड स्तर पर काम कर रहे एनएचएआई के अधिकारियों के मनोबल को भी प्रभावित करती है। मामले की विस्तृत जांच करवाई जाए और जिम्मेदार सभी लोगों पर कानून के अनुसार मुकदमा चलाया जाए। अन्यथा इससे हिमाचल में काम कर रहे एनएचएआई अधिकारियों के मनोबल पर असर पड़ेगा, जिसका असर राज्य में परियोजनाओं पर पड़ेगा। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने जवाब दिया कि पहले ही मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। मामले की जांच की जा रही है।

भट्ठाकुफर की माठू काॅलोनी में बहुमंजिला भवन गिरने के बाद मौके पर गया था। इस दौरान यहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। जब दोनों एनएचएआई के अधिकारी निकले तो पता चला कि इस तरह की घटना हुई है। जिस जगह पर मारपीट हुई वहां पर मैं मौजूद नहीं था- मंजीत शर्मा, एसडीएम ग्रामीण, शिमला

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केंद्रीय मंत्री गडकरी ने मामले का लिया कड़ा संज्ञान, सीएम सुक्खू से की बात
उधर,एनएचएआई के अधिकारी से मारपीट के मामले में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से बात की। उन्होंने इस प्रकरण के लिए जिम्मेवार रहे अन्य लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। सीएम सुक्खू से बातचीत करने की जानकारी गडकरी ने खुद एक्स पर पोस्ट डालकर दी। वहीं, गडकरी ने मुख्यमंत्री सुक्खू को भी इस संबंध में एक चिट्ठी लिखी है। गडकरी ने सीएम को पत्र में इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने की बात करते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार इसमें गंभीरता नहीं बरती गई वर्तमान में चल रही और भविष्य की योजनाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए तत्पर होना पड़ेगा। गडकरी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि हिमाचल प्रदेश के पंचायती राज मंत्री और उनके सहयोगियों की ओर से एनएचएआई पीआईयू शिमला के प्रबंधक अचल जिंदल पर किया गया क्रूर हमला अत्यंत निंदनीय है और कानून के शासन का अपमान है। अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन कर रहे एक लोक सेवक पर इस तरह का क्रूर हमला न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालता है, बल्कि संस्थागत अखंडता को भी नष्ट करता है। गडकरी ने लिखा कि उन्होंने मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया है और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से बात की है। उन्होंने सभी दोषियों के खिलाफ तत्काल और अनुकरणीय कार्रवाई करने का आग्रह किया है। जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए और बिना देरी के न्याय मिलना चाहिए।

मुख्य सचिव ने दिया जवाब, एफआईआर दर्ज की जा चुकी, जांच जारी
 भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को पत्र लिखा कि इस तरह घटना न केवल राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि फील्ड स्तर पर काम कर रहे एनएचएआई के अधिकारियों के मनोबल को भी प्रभावित करती है। मामले की विस्तृत जांच करवाई जाए और जिम्मेदार सभी लोगों पर कानून के अनुसार मुकदमा चलाया जाए। अन्यथा इससे हिमाचल में काम कर रहे एनएचएआई अधिकारियों के मनोबल पर असर पड़ेगा, जिसका असर राज्य में परियोजनाओं पर पड़ेगा। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने जवाब दिया कि पहले ही मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। मामले की जांच की जा रही है।

जल्द पूरा करें अथवा अपने प्रोजेक्ट को रद्द करे एनएचएआई : सुक्खू
मुख्यमंत्री ने एनएचएआई और सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय के प्रोजेक्ट निर्माण में देरी पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि कई दफा इस बारे में पत्र लिखे जा चुके हैं। यहां पर कार्य कर रहे अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया है कि इन कार्यों को जल्द पूरा या कैंसिल करें।

एनएचएआई के अधिकारी के घर के आसपास पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
 एनएचएआई के अधिकारी के साथ मारपीट का मामला सामने के बाद पुलिस ने चक्कर स्थित उनके घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुलिस अधिकारियों के निर्देशों पर बालूगंज पुलिस क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही है। इसका उद्देश्य अधिकारी की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। अधिकारियों के निर्देशों के बाद पुलिस ने सोमवार रात को भी क्षेत्र में रातभर पेट्रोलिंग की। 

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