ढाई सौ रुपये किलो खरीदे मिलावटी हाइब्रिड बीज से उगा जंगली धान
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जिला कांगड़ा में हाइब्रिड बीज के नाम पर किसानों को मिलावटी धान मुहैया करवाने की बात सामने आई है। रोपे गए धान के पौधों में जंगली धान (भिरनी) के पौधे भी उग आए हैं। इससे जिले के किसान खासे परेशान हैं।
जिला मुख्यालय से सटी एक ग्राम पंचायत के किसानों राकेश, रेखा, रमा, अरविंद और सुरेश आदि ने बताया कि उन्होंने उपमंडल कांगड़ा के तहत एक बीज बेचने की दुकान से धान का हाइब्रिड बीज खरीदा था।
करीब 250 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से खरीदे गए रफ्तार नामक कंपनी के धान के बीज में अब जंगली पौधे निकल आए हैं। इससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। अब किसानों के खेत भी इस जंगली धान की चपेट में आ गए हैं।
उन्होंने बताया कि जब बीज विक्रेता दुकानदार से उन्होंने धान का बीज खरीदा था तो उस दौरान दुकानदार ने कई बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन अब जब धान की फसल पककर तैयार होने लगी तो किसानों के बीजे गए इस हाइब्रिड बीज में जंगली धान का निकलना उनकी समझ से परे है।
बीज-दवाई खरीदते समय बिल नहीं लेते किसान
किसानों ने कृषि विभाग से मांग की है कि विभाग किसानों को बीज-दवाइयां आदि मुहैया करवाने वाले दुकानदारों की सीजन के दौरान दुकानों में रखे गए बीजों की जांच की जाए, ताकि गलत बीज मिलने के कारण किसानों की मेहनत खराब न हो।
किसान अकसर बीज-दवाई खरीदते समय बिल नहीं लेते हैं। अगर किसानों ने बीज खरीदने का बिल लिया है तो वे कृषि विभाग से शिकायत कर सकते हैं। इसके बाद संबंधित दुकानदार पर कार्रवाई की जा सकती है। - एनके धीमान, डिप्टी डायरेक्टर, कृषि विवि पालमपुर।