{"_id":"69f9f2cac509111aa9056563","slug":"administration-will-prepare-a-plan-for-the-safety-of-schools-in-the-capital-shimla-news-c-19-sml1002-716445-2026-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: राजधानी में स्कूलों की सुरक्षा के \nलिए प्लान तैयार करेगा प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: राजधानी में स्कूलों की सुरक्षा के लिए प्लान तैयार करेगा प्रशासन
विज्ञापन
खास खबर
शहर के नामी और बड़े स्कूलों को बार-बार मिल रही धमकियां, स्कूलों के साथ मिलकर योजना तैयार करेगा प्रशासन
अभिभावक भी कर रहे सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के बड़े स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए जिला प्रशासन अब प्लान तैयार करेगा। शहर के प्रतिष्ठित स्कूलों को बार बार मिल रही धमकियों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने इनके लिए सुरक्षा का प्लान तैयार करने का फैसला लिया है।
आने वाले दिनों में स्कूलों के साथ बैठकें होंगी जिनमें सुरक्षा के इंतजामों को लेकर रूपरेखा तैयार होगी। प्रवेशद्वारों पर अनजान लोगों की स्कूल में एंट्री रोकने, स्कूल भवन परिसर में प्रवेश की जगह सीमित करने से लेकर ऐसी स्थिति दोबारा पैदा होने पर उससे निपटने की पूरी योजना तैयार की जाएगी। सुरक्षा इंतजामों को लेकर स्कूलों के खुद के क्या इंतजाम हैं, इसे कैसे मजबूत किया जा सकता है, प्रशासन और पुलिस इसमें कैसे मदद कर सकते हैं, इसे लेकर भी रणनीति बननी है। ऐसी सूचनाएं या अफवाहें फैलने पर अभिभावकों को कैसे सूचित करना है, भगदड़ जैसी स्थिति न हो, इस पर भी स्कूलों से बात की जाएगी। शहर के बड़े निजी और सरकारी स्कूलों के सुझाव भी इसमें शामिल किए जा सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि बार बार मिल रही धमकियों को अनदेखा भी नहीं किया जा सकता है। इनसे निपटने के लिए तैयारी जरूरी है। एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा ने कहा कि स्कूलों की सुरक्षा को लेकर क्या इंतजाम हो सकते हैं, इस पर आने वाले दिनों में काम किया जाएगा।
धमकियों से परेशान हो रहे हैं अभिभावक
शहर में स्कूलों को मिल रही धमकियों से अफरातफरी मच रही है। सोमवार को भी धमकियां मिलने के बाद कई स्कूलों ने सुबह ही छुट्टी घोषित करते हुए बच्चों को घर भेज दिया था। इससे अभिभावकों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी थी। चंद मिनटों के भीतर स्कूल पहुंचने में ज्यादातर अभिभावक परेशान हुए। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में इंतजाम होने चाहिए। भले ही यह धमकियां फर्जी हों लेकिन प्रशासन को इसकी व्यवस्था देखनी चाहिए। अभी स्कूलों के बाहर यातायात सुचारू करने तक के लिए पुलिस नहीं मिलती है। इस व्यवस्था को सुधारा जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के नामी और बड़े स्कूलों को बार-बार मिल रही धमकियां, स्कूलों के साथ मिलकर योजना तैयार करेगा प्रशासन
अभिभावक भी कर रहे सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के बड़े स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए जिला प्रशासन अब प्लान तैयार करेगा। शहर के प्रतिष्ठित स्कूलों को बार बार मिल रही धमकियों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने इनके लिए सुरक्षा का प्लान तैयार करने का फैसला लिया है।
आने वाले दिनों में स्कूलों के साथ बैठकें होंगी जिनमें सुरक्षा के इंतजामों को लेकर रूपरेखा तैयार होगी। प्रवेशद्वारों पर अनजान लोगों की स्कूल में एंट्री रोकने, स्कूल भवन परिसर में प्रवेश की जगह सीमित करने से लेकर ऐसी स्थिति दोबारा पैदा होने पर उससे निपटने की पूरी योजना तैयार की जाएगी। सुरक्षा इंतजामों को लेकर स्कूलों के खुद के क्या इंतजाम हैं, इसे कैसे मजबूत किया जा सकता है, प्रशासन और पुलिस इसमें कैसे मदद कर सकते हैं, इसे लेकर भी रणनीति बननी है। ऐसी सूचनाएं या अफवाहें फैलने पर अभिभावकों को कैसे सूचित करना है, भगदड़ जैसी स्थिति न हो, इस पर भी स्कूलों से बात की जाएगी। शहर के बड़े निजी और सरकारी स्कूलों के सुझाव भी इसमें शामिल किए जा सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि बार बार मिल रही धमकियों को अनदेखा भी नहीं किया जा सकता है। इनसे निपटने के लिए तैयारी जरूरी है। एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा ने कहा कि स्कूलों की सुरक्षा को लेकर क्या इंतजाम हो सकते हैं, इस पर आने वाले दिनों में काम किया जाएगा।
विज्ञापन
धमकियों से परेशान हो रहे हैं अभिभावक
शहर में स्कूलों को मिल रही धमकियों से अफरातफरी मच रही है। सोमवार को भी धमकियां मिलने के बाद कई स्कूलों ने सुबह ही छुट्टी घोषित करते हुए बच्चों को घर भेज दिया था। इससे अभिभावकों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी थी। चंद मिनटों के भीतर स्कूल पहुंचने में ज्यादातर अभिभावक परेशान हुए। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में इंतजाम होने चाहिए। भले ही यह धमकियां फर्जी हों लेकिन प्रशासन को इसकी व्यवस्था देखनी चाहिए। अभी स्कूलों के बाहर यातायात सुचारू करने तक के लिए पुलिस नहीं मिलती है। इस व्यवस्था को सुधारा जाना चाहिए।
विज्ञापन