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ढाई साल की मासूम को छोड़ पूरा परिवार खत्म
ब्यूरो/अमर उजाला, चंबा
Updated Wed, 17 Jun 2015 09:26 AM IST
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चंबा-भरमौर मार्ग पर सोमवार देर रात हुए सड़क हादसे में ढाई साल की मासूम बच्ची को छोड़ उसके माता-पिता और दादा-दादी की मौके पर ही मौत हो गई। मासूम बच्ची को भी सिर पर चोटें आई हैं। बच्ची के रोने की आवाज सुन स्थानीय लोग हादसा स्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
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पुलिस ने सभी को अस्पताल पहुंचाया। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद चारों शवों को उनके नजदीकी परिजनों को सौंप दिया है। जबकि मासूम बच्ची अपनी मौसी के साथ है। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से रजेरा गांव में मातम छाया हुआ है। मृतकों की पहचान गुरदयाल कपूर (67), देई कपूर (60) पत्नी गुरदयाल, वीरेंद्र कपूर (27) पुत्र गुरदयाल, रेखा (24) पत्नी वीरेंद्र निवासी रजेरा के रूप में हुई है। हादसे में ढाई वर्षीय राधिका ही जिंदा बची है।
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पुलिस के अनुसार पूरा परिवार कांगड़ा के मारंडा में एक अस्पताल में उपचार के बाद कार से चंबा के रजेरा लौट रहा था। सोमवार देर रात 12.30 बजे जब उनकी गाड़ी चंबा-भरमौर मार्ग पर करियां और रजेरा के बीच पहुंची तो गुरदयाल कपूर ने अचानक गाड़ी से नियंत्रण खो दिया। इसके बाद गाड़ी सड़क किनारे लगे एक पैरापिट को उखाड़कर गहरी खाई में जा गिरी। गाड़ी कई पलटे खाकर नीचे एनएचपीसी की सड़क पर जा गिरी। अगर एक पलटा और लगता तो रावी में जा गिरती। हादसा गुरदयाल के घर से मात्र 500 मीटर पीछे हुआ है।
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पुलिस अधीक्षक चंबा डीके चौधरी का कहना है कि मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की छानबीन की जा रही है। उपायुक्त एम सुधा देवी का कहना है कि हादसे की खबर मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू करवाया गया था। एक ही परिवार के चार लोगों की दुखद मौत हुई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवार को हर संभव मदद का प्रयास किया जा रहा है।
गुरदयाल ने गोद लिया था बेटा- रजेरा निवासी गुरदयाल की कोई संतान नहीं थी। उसने वीरेंद्र को गोद लिया हुआ था। बेटे की शादी और फिर बच्ची के जन्म के बाद पूरा परिवार बहुत खुश था। कौन जानता था कि घर के पास हुए हादसे में पूरा परिवार खत्म हो जाएगा। परिजनों को अब ढाई साल की बच्ची की चिंता सता रही है।