आधार से लिंक बायोमीट्रिक मशीनों पर लगेगी अब अध्यापकों की हाजिरी
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प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों में आधार नंबर से लिंक बायोमीट्रिक मशीनें लगाई जाएंगी। प्रदेश सरकार ने पहले साधारण मशीनों की खरीद करने के फैसले को अब बदल दिया है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने आधार से जुड़ी मशीनों को लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रदेश के सभी शिक्षकों और गैर शिक्षकों को 31 मार्च तक अटेंडेंस पोर्टल पर पंजीकरण करवाने के आदेश जारी किए गए हैं। संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा अमरजीत शर्मा ने बताया है कि पहले चरण में शिमला और बिलासपुर जिला को मशीनें लगाने के लिए चुना गया है। पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से मशीनें लगाई जानी हैं।
आधार से जुड़ी बायोमीट्रिक मशीनें पुरानी मशीनों से भिन्न होती हैं। इन आधुनिक मशीनों की मानीटरिंग इंटरनेट के माध्यम से प्रदेश में कहीं से भी हो सकती है। इन मशीनों के लगने से उच्च अधिकारी अपने कंप्यूटर सिस्टम से देख सकेंगे कि कितने शिक्षक स्कूल में हाजिर रहे और कितने गैर हाजिर।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने 500 मशीनों की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है। संभावित है कि 31 मार्च तक दो जिलों शिमला और बिलासपुर के सभी स्कूलों और कॉलेजों में मशीनें लगाने का काम पूरा हो जाएगा।
स्कूल-कॉलेजों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमीट्रिक मशीनें लगाने का फैसला लिया गया है। पूर्व की कांग्रेस सरकार के समय से स्कूल-कॉलेजों में मशीनें लगाने की फाइल चली हुई है लेकिन अफसरशाही की सुस्त कार्य प्रणाली के चलते मामला सिरे नहीं चढ़ रहा है।
अब जयराम सरकार ने पूरे प्रदेश में एक साथ बायोमीट्रिक मशीनें लगाने की जगह की दो जिलों से शुरूआत करने का फैसला लिया है। इसी कड़ी में उच्च शिक्षा निदेशालय ने पहले चरण में जिला शिमला और जिला बिलासपुर का चयन किया है। बायोमीट्रिक मशीनों की खरीद का जिम्मा इलेक्ट्रॉनिक डेवलेपमेंट कारपोरेशन को सौंपा गया है।