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Shimla News: सदन में मेयर और भाजपा पार्षदों के बीच तीखी बहस
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निंदा प्रस्ताव लाने पर भड़के भाजपा पार्षद
पार्षद सरोज ठाकुर ने कहा एक तरफा कार्रवाई बर्दाश्त नहीं
बोले, महापौर विपक्ष की आवाज को दबाने का कर रहे प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। नगर निगम की मासिक बैठक सोमवार को हंगामेदार रही। बचत भवन में दोपहर बाद सदन की कार्रवाई शुरू होने से ठीक पहले जब भाजपा पार्षदों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया गया तो इस पर माहौल पूरी तरह गरमा गया। दरअसल बीते सदन में भाजपा पार्षदों ने हंगामा किया था जिस पर कांग्रेस ने निंदा प्रस्ताव लाया था।
भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर इस प्रस्ताव पर भड़क उठीं और उन्होंने मेयर सुरेंद्र चौहान पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। एकाएक इस प्रस्ताव आने के बाद पूरे सदन में बवाल मच गया। वहीं एक-एक करके भाजपा पार्षदों ने इस निंदा प्रस्ताव पर सवाल उठाए। बैठक के दौरान भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर, आशा शर्मा, रचना झिन्ना, कमलेश मेहता, कल्याण धीमान, बिट्टू कुमार पाना ने कहा कि सदन में एकतरफा कार्रवाई किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह मांग उठाई कि अगर भाजपा पार्षदों पर कार्रवाई की बात की जा रही है, तो कांग्रेस पार्षदों पर भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। पिछले सदन में हुए हंगामे को लेकर मेयर और कांग्रेस पार्षद भाजपा पार्षदों को गलत ठहरा रहे हैं, पूछा क्या भाजपा पार्षद को सदन से बाहर भेजना सही था।
पार्षदों ने कहा कि जब वह अपनी बात कह रहे थे तो सबसे पहले कांग्रेस के पार्षदों ने ही टेबल थपथपाने और नारेबाजी शुरू की थी। भाजपा पार्षदों ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए निष्पक्षता की मांग की। वहीं दूसरी ओर मेयर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि भाजपा विकास कार्यों को बाधित करने का काम कर रही है। इसलिए सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव लाया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सदन में शोर-शराबा और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। भाजपा पार्षदों ने एक सुर में कहा कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई निष्पक्ष और सभी पक्षों पर समान रूप से होनी चाहिए अन्यथा इसका विरोध किया जाएगा।
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पार्षद सरोज ठाकुर ने कहा एक तरफा कार्रवाई बर्दाश्त नहीं
बोले, महापौर विपक्ष की आवाज को दबाने का कर रहे प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। नगर निगम की मासिक बैठक सोमवार को हंगामेदार रही। बचत भवन में दोपहर बाद सदन की कार्रवाई शुरू होने से ठीक पहले जब भाजपा पार्षदों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया गया तो इस पर माहौल पूरी तरह गरमा गया। दरअसल बीते सदन में भाजपा पार्षदों ने हंगामा किया था जिस पर कांग्रेस ने निंदा प्रस्ताव लाया था।
भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर इस प्रस्ताव पर भड़क उठीं और उन्होंने मेयर सुरेंद्र चौहान पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। एकाएक इस प्रस्ताव आने के बाद पूरे सदन में बवाल मच गया। वहीं एक-एक करके भाजपा पार्षदों ने इस निंदा प्रस्ताव पर सवाल उठाए। बैठक के दौरान भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर, आशा शर्मा, रचना झिन्ना, कमलेश मेहता, कल्याण धीमान, बिट्टू कुमार पाना ने कहा कि सदन में एकतरफा कार्रवाई किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह मांग उठाई कि अगर भाजपा पार्षदों पर कार्रवाई की बात की जा रही है, तो कांग्रेस पार्षदों पर भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। पिछले सदन में हुए हंगामे को लेकर मेयर और कांग्रेस पार्षद भाजपा पार्षदों को गलत ठहरा रहे हैं, पूछा क्या भाजपा पार्षद को सदन से बाहर भेजना सही था।
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पार्षदों ने कहा कि जब वह अपनी बात कह रहे थे तो सबसे पहले कांग्रेस के पार्षदों ने ही टेबल थपथपाने और नारेबाजी शुरू की थी। भाजपा पार्षदों ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए निष्पक्षता की मांग की। वहीं दूसरी ओर मेयर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि भाजपा विकास कार्यों को बाधित करने का काम कर रही है। इसलिए सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव लाया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सदन में शोर-शराबा और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। भाजपा पार्षदों ने एक सुर में कहा कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई निष्पक्ष और सभी पक्षों पर समान रूप से होनी चाहिए अन्यथा इसका विरोध किया जाएगा।
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