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HPU: दसवीं में 95, जमा दो में 94 फीसदी अंक, बीएससी प्रथम में फेल, पिता ने विवि की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
Tue, 29 Nov 2022 11:42 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 29 Nov 2022 11:42 PM IST
सार
जयसिंहपुर निवासी कश्मीर सिंह ने यहां आकर मीडिया से बात करते हुए विवि की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठाए। कहा कि दसवीं में 95 फीसदी और जमा दो कक्षा में 94 फीसदी अंक लेने वाली मेरी बेटी बीएससी में कैसे फेल हो गई।
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छात्रा के पिता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीएससी प्रथम वर्ष की परीक्षा में फेल हुई बेटी के दुख को देखकर अधरंग से पीड़ित एक पिता रिजल्ट के बारे में पूछताछ करने मंगलवार को विश्वविद्यालय शिमला ही पहुंच गया। जयसिंहपुर निवासी कश्मीर सिंह ने यहां आकर मीडिया से बात करते हुए विवि की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठाए। कहा कि दसवीं में 95 फीसदी और जमा दो कक्षा में 94 फीसदी अंक लेने वाली मेरी बेटी बीएससी में कैसे फेल हो गई। फेल हुई बेटी का दुख देखकर रहा नहीं गया इसलिए रिजल्ट के बारे पता करने विवि चला आया। यहां आने पर कोई बात तक सुनने को तैयार नहीं है। इन्हें यहां से जो जवाब मिला उससे वह संतुष्ट नहीं हैं।
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हर पिता की चाहत होती है कि उसका बच्चा मेहनत कर आगे बढ़े पढ़ाई करे। टॉप करने वाली जब उनकी बच्ची फेल हुई तो वह बहुत निराश हुए। वह अधरंग से पीड़ित होने के बावजूद जयसिंहपुर से विवि पहली बार आए है। उन्होंने विवि के आला अधिकारियों से मिलने का प्रयास किया लेकिन कुलपति के परिसर में न होने पर वह उनसे भी नहीं मिल पाए। बेटी ने बताया था कि उसकी सभी परीक्षाएं अच्छी हुई थीं। बेटी अब गुपचुप रहती है, किसी से बात तक नहीं कर रही। मंगलवार को कश्मीर सुबह से हर शाखा के चक्कर काटते रहे। लेकिन उन्हें कहीं से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कहा कि पेपर ठीक से चेक किए जाने चाहिए थे। इतनी अधिक संख्या में छात्रों का फेल होना विवि की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने विवि प्रशासन से फेल हुए छात्रों को ग्रेस मार्क्स देने की मांग की है।
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