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Natural Farming: हिमाचल में प्राकृतिक खेती कर रहे 87,000 किसानों का होगा प्रमाणीकरण
Wed, 24 May 2023 06:04 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 24 May 2023 06:04 PM IST
सार
प्राकृतिक खेती कर रहे 87,000 किसानों का प्रमाणीकरण किया जाएगा। अभी तक राज्य में प्राकृतिक खेती कर रहे 52,000 किसानों को निशुल्क प्रमाणपत्र दिए जा चुके हैं।
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प्राकृतिक खेती(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती कर रहे 87,000 किसानों का प्रमाणीकरण किया जाएगा। अभी तक राज्य में प्राकृतिक खेती कर रहे 52,000 किसानों को निशुल्क प्रमाणपत्र दिए जा चुके हैं। इस वित्त वर्ष में 87,000 नए किसानों को निशुल्क प्रमाणपत्र जारी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश में 1.59 लाख से अधिक किसान-बागवान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं।
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कृषि सचिव राकेश कंवर ने बुधवार को राज्य सचिवालय में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। बैठक के दौरान योजना की पूर्व गतिविधियों एवं आगामी रणनीति पर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। कृषि सचिव ने कहा कि इस योजना से किसान स्वतः ही जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस साल 30,000 एकड़ भूमि को प्राकृतिक खेती में लाने का लक्ष्य रखा गया है।
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अंतरराष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष को ध्यान में रखते हुए किसानों को प्राकृतिक खेती से मोटे अनाज उगाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को पोषक अनाजों का व्यापक उत्पादन होने पर इसके विपणन के लिए भी तैयारियां करने को कहा। कृषि सचिव ने अधिकारियों को कृषि विभाग के फार्मों में भी जिला आधारित फसलों पर प्राकृतिक खेती मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए।
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बैठक के दौरान प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के राज्य परियोजना निदेशक नरेश ठाकुर ने कहा कि योजना के अधीन प्रदेश की हर पंचायत में उत्कृष्ट मॉडल बनाए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को इन मॉडलों को और सुदृढ़ कर बेहतर करने के निर्देश दिए। इस बैठक में कृषि निदेशक डॉ. राजेश कौशिक, संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. रविंद्र सिंह जसरोटिया, कृषि उपनिदेशक डॉ. मोहिंदर भवानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहें।