आठ बच्चों ने अभिभावकों के साथ पैदल पार किया रोहतांग दर्रा
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शिंकुला दर्रा पैदल पार करने के बाद गुरुवार को आठ विद्यार्थियों और दस अभिभावकों ने बर्फ से लकदक 13050 फीट ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रा पैदल पार किया। मौसम खराब रहने से रोहतांग में 30 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी हुई है।
गुरुवार को खराब मौसम के बावजूद 12 स्थानीय लोगों सहित कुल 30 मुसाफिरों का दल गुफा होटल से रोहतांग दर्रा होकर मनाली के लिए निकला। करगिल के जंस्कर से आठ बच्चे और और उनके दस अभिभावक मनाली पहुंच गए हैं। ये बच्चे धर्मशाला और मनाली में शिक्षा ग्रहण करने आए हैं।
इन लोगों को पहले रोहतांग सुरंग से होकर आना था, लेकिन नॉर्थ पोर्टल के रास्ते से जाने की इजाजत नहीं मिलने के कारण जम्मू एंड कश्मीर के करगिल जिले के जंस्कर से आए 18 सदस्यीय दल ने रोहतांग दर्रा पैदल पार करने की ठानी।
शिंकुला दर्रा पार कर पांच दिन में पहुंचे केलांग
दल के साथ आए 66 वर्षीय सोनम अंदुई और 41 वर्षीय तेंजिन फुंचोग ने बताया कि बच्चों के साथ 15 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित शिंकुला दर्रा पार कर केलांग पहुंचने के लिए पांच दिन का समय लगा है।
दो दिन से सुरंग से होकर रोहतांग पार करने की इजाजत नहीं मिलने से उन्हें दर्रे से होकर मनाली पहुंचना पड़ा। उन्होंने बताया कि कोकसर से बचाव दल के सदस्यों की सहायता से रोहतांग दर्रा पार किया और मनाली रवाना हुए।
कोकसर में तैनात बचाव चौकी के प्रभारी पवन ठाकुर ने बताया कि गुरुवार सुबह मौसम ठीक होने पर जंस्कर से आए लोगों को पैदल दर्रा पार करवा कर मनाली रवाना किया है। सभी लोग शाम के वक्त मनाली पहुंच गए हैं।