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हर्बल पौधों की खुशबू से महकेंगे हिमाचल के 75 सरकारी स्कूल, आयुष मंत्रालय देगा बजट
Mon, 29 Nov 2021 09:34 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 29 Nov 2021 09:34 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्रालय का प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के उप निदेशकों को हर्बल गार्डन विकसित करने की संभावनाओं को लेकर जानकारी देने को कहा है। जिलों से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद निदेशालय की ओर से स्कूलों की सूची प्रदेश के आयुष विभाग के माध्यम से केंद्र को भेजी जाएगी।
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हर्बल पौधा
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के 75 सरकारी स्कूल जल्द ही हर्बल पौधों की खुशबू से महकेंगे। आयुष मंत्रालय के नेशनल मेडिसिन प्लांट बोर्ड ने प्रदेश सरकार को स्कूलों में हर्बल गार्डन बनाने का प्रस्ताव भेजा है। चयनित किए जाने वाले स्कूलों में हर्बल गार्डन विकसित करने के लिए मंत्रालय की ओर से बजट जारी किया जाएगा। प्रयोग सफल रहने पर अन्य स्कूलों को भी इसके दायरे में लाया जाएगा। मंत्रालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि जिन स्कूलों में बाउंड्री वॉल लगी होगी और जहां सिंचाई की व्यवस्था होगी। उन स्कूलों को योजना में शामिल करने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।
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प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक स्कूल का चयन करना अनिवार्य किया गया है। दस वर्षों तक हर्बल गार्डन की देखभाल करने की शर्त पर मंत्रालय की ओर से बजट दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्रालय का प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के उप निदेशकों को हर्बल गार्डन विकसित करने की संभावनाओं को लेकर जानकारी देने को कहा है। जिलों से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद निदेशालय की ओर से स्कूलों की सूची प्रदेश के आयुष विभाग के माध्यम से केंद्र को भेजी जाएगी।
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हर्बल गार्डन बनाने का ये होगा फायदा
विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को औषधीय पौधों की जानकारी आसानी से मिलेगी। औषधीय पौधों जैसे मीठा नीम, पत्थरचट्टा, आंवला, तुलसी आदि से विभिन्न बीमारियों का घरेलू उपचार सीख सकेंगे। योजना में कदम्ब, अशोक, अर्जुन, भृंगराज, मुलैठी, वज्रदंती सर्पगंधा जैसे पौधे रोपे जाएंगे।
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