Kullu News: खुद खाने को मिले या नहीं, लावारिस पशुओं का पेट भर रहीं 73 साल की लूरमा देवी
लूरमा पीठ पर पानी ढोकर पशुओं को पिलाती हैं। किसी भी सरकारी योजना का लाभ आज तक लूरमा देवी को नहीं मिला है और न ही लूरमा को योजनाओं की जानकारी है।
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73 साल की लूरमा देवी का पशु प्रेम हर किसी के लिए मिसाल है। खुद को कुछ खाने के लिए मिले या नहीं। इसकी परवाह नहीं, लेकिन पशु भूखे नहीं रहने चाहिए। इनके लिए घास और पानी की व्यवस्था लूरमा करती हैं। आसपास पानी की व्यवस्था नहीं है। खड्ड एक किमी दूर है। लूरमा पीठ पर पानी ढोकर पशुओं को पिलाती हैं। किसी भी सरकारी योजना का लाभ आज तक लूरमा देवी को नहीं मिला है और न ही लूरमा को योजनाओं की जानकारी है। ऐसे में सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के दावों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इन्हीं लावारिस पशुओं के गोबर से बुजुर्ग को थोड़े बहुत पैसे मिल जाते थे, लेकिन अब गोबर खरीदने भी कोई नहीं आ रहा। कोई खाने को कुछ दे तो लूरमा का पेट भर जाता है। आनी खंड की कमांद पंचायत की घढ़ारी गांव की लूरमा देवी की खुद की जिंदगी संघर्ष से भरी है। पति ने छोड़ा तो भाई ने लूरमा देवी को रहने के लिए एक कमरा बना दिया। कमरे में लूरमा अकेली थीं तो आसपास लावारिस घूम रहे पशुओं को वहां लाना शुरू किया। करीब 25 गाय, बैल और बछड़े लूरमा ने एकत्र कर लिए। दिक्कत यह थी कि पशुओं को रखे कहां। कमरे के साथ ही जंगल में गुफा था।
लूरमा ने सभी पशुओं को वहां रखना शुरू किया। पिछले 14 साल से इसी टूटे फूटे कमरे में लूरमा गुजर बसर कर रही हैं। जंगल होने के चलते यहां जंगली जानवरों ने लूरमा देवी के 14 पशुओं को मार डाला। अब 11 पशुओं को बचाना चुनौती बना हुआ है। लूरमा देवी बड़े शौक से पशुओं को पाल रही हैं। लूरमा देवी का कहना है कि उसे पशुओं के लिए बचपन से लगाव है। वह बची जिंदगी भी पशुओं को पालने में गुजारना चाहती हैं। इन दिनों एक बैल जख्मी हालत में गुफा के अंदर रखा है, लेकिन जानकारी के अभाव के चलते जख्मी पशुओं के इलाज करवाने किसी को नहीं ला पाती। अभी लूरमा देवी के पास 4 बैल, तीन गाय और चार बछड़े हैं।
बिजली न ही पानी की व्यवस्था
अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाली लूरमा देवी के पास बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधा तक मौजूद नहीं है। पानी न होने के चलते अपने पशुओं को लूरमा देवी एक किलोमीटर दूर खड्ड से पानी ढोकर लाती हैं। लूरमा देवी को सरकारी योजनाओं का लाभ मुहैया करवाने की किसी ने जहमत नहीं उठाई। लूरमा देवी को पेंशन सुविधा का लाभ तक नहीं मिल सका है।
लूरमा देवी से पूछा गया कि पेट कैसे भरता है तो कहा कि उसकी बहन बीच-बीच में कुछ अनाज ले आती है। लोग भी खाना दे जाते हैं। कई बार मन करता है कि बहुत खाना खाऊं पर उतना मिलता नहीं। जितना होता है उसी भी गुजारा कर लेती हूं। कभी पानी पीकर भी पेट भर लेती हूं।
एसडीएम आनी नरेश वर्मा ने कहा कि महिला के लिए बिजली और पानी मुहैया करवाने के संबंधित विभाग को निर्देश दे दिए गए हैं। स्वयं भी मौके जाएंगे। महिला को सरकार की योजनाओं का लाभ मुहैया करवाने का प्रशासन हरसंभव प्रयास करेगा।