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शहर को 24 घंटे पानी देने के प्रोजेक्ट में फंसा पेच, दोबारा कराना पड़ा टेंडर
Sat, 04 May 2019 10:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 04 May 2019 10:49 AM IST
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शहर के लोगों को 24 घंटे पानी की सप्लाई देने के लिए तैयार किए वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट में नया पेच फंस गया है। टेंडर प्रक्रिया में शामिल हुई कंपनियां गिरि और गुम्मा परियोजनाएं चलाने को तैयार नहीं हैं। मजबूरन पेयजल कंपनी को प्रोजेक्ट से यह शर्तें हटाकर शुक्रवार को नया टेंडर जारी करना पड़ा है। इससे प्रोजेक्ट शुरू करने में भी कुछ महीने की देरी हो गई है।
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शहर में पेयजल व्यवस्था संभाल रही एसजेपीएनएल कंपनी ने दो महीने पहले करीब 326 करोड़ रुपये का टेंडर किया था। इसके तहत सतलुज से शिमला तक 66 एमएलडी पानी पहुंचाने के अलावा गिरि और गुम्मा परियोजनाएं चलाने का भी काम शामिल था। दोनों परियोजनाओं को अगले 15 साल तक चलाया जाना था। लेकिन टेंडर की इच्छुक कंपनियाें ने इन दोनों परियोजनाओं को चलाने से इंकार कर दिया। इनका तर्क था कि दोनों परियोजनाएं सौ साल पुरानी हैं। इनकी गारंटी नहीं ली जा सकती। इसके चलते टेंडर के लिए एक भी कंपनी ने आवेदन नहीं किया।
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290 करोड़ का होगा नया प्रोजेक्ट
पुरानी परियोजनाओं की शर्त हटाकर करीब 290 करोड़ रुपये का नया टेंडर जारी किया है। आचार संहिता के दौरान टेंडर जारी करने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति मांगी थी जो मिल गई है। इस प्रोजेक्ट के तहत अब सिर्फ सतलुज से 66 एमएलडी पानी शिमला लाने के लिए निर्माण कार्य किया जाना है। अगले तीन साल में प्रोजेक्ट पूरा होगा जिससे शहरवासियों को 24 घंटे पानी मिलने लगेगा। शिमला शहर के अलावा साथ लगती पंचायतों में भी पेयजल सप्लाई दी जाएगी।
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दोनों परियोजनाएं खुद चलाएगी कंपनी
गिरि और गुम्मा पेयजल परियोजनाओं के संचालन के लिए 41 करोड़ बजट रखा है। टेंडर से हटाए जाने के बाद पेयजल कंपनी अब खुद इन दोनों परियोजनाओं का संचालन करेगी। अभी भी कंपनी ही इन परियोजनाओं को चला रही है। दोनों परियोजनाओं से शहर को 40 एमएलडी से अधिक पानी मिल रहा है।
प्रोजेक्ट से कुछ शर्तें हटाकर नया टेंडर जारी किया जा रहा है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही जल्द काम शुरू कर देंगे। शहरवासियों को इससे काफी फायदा होगा। पेयजल संकट नहीं रहेगा। -धर्मेंद्र गिल, प्रबंध निदेशक शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड