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फूलों से गुलजार होगा नेशनल हाईवे

Sat, 28 Apr 2018 10:08 PM IST
Updated Sat, 28 Apr 2018 10:08 PM IST
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फूलों से गुलजार होगा नेशनल हाईवे
रंग बिरंगे फूलों से गुलजार होगा कालका-शिमला फोरलेन
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कालका-शिमला फोरलेन के बीच लगेंगे पौधे
परवाणू से चंबाघाट तक फोरलेन मार्ग के दोनों ओर लगाए जाएंगे पौधे, फूलों के खिलने से बढ़ेगी हाईवे की सुंदरता
फोरलेन निर्माता कंपनी ने शुरू किया पौधारोपण
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मपुर (सोलन)।
कालका-शिमला फोरलेन अब रंग बिरंगे फूलों से गुलजार होगा। शिमला और सोलन घूमने आने वाले सैलानी फोरलेन के बीच में लगने वाले इन फूलों से होकर गुजरेंगे। नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया ने फोरलेन के बीच खाली एक मीटर जगह में पेड़ पौधे लगाने शुरू कर दिए हैं। इस मुहिम का मकसद सुरक्षित ड्राइविंग है।
परवाणू से सोलन (चंबाघाट) तक निर्माणाधीन फोरलेन में सड़क के बीच में छोड़े गए एक मीटर के डिवाइडर में कंपनी ने जाबली के पास पेड़ पौधे लगाने का काम शुरू कर दिया है। इन पौधों के लगने से जहां रात के समय लोगों को गाड़ी चलाने में परेशानी नहीं होगी वहीं प्राकृतिक सुंदरता को भी बढ़ावा मिलेगा। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर परवाणू से सोलन (चंबाघाट) तक फोरलेन का निर्माण कार्य करीब पूरा होने को है। फोरलेन के कारण लगभग बारह हजार छोटे-बड़े पेड़-पौधों की बलि चढ़ गई थी। पेड़ पौधों के कटने से मौसम में भी परिवर्तन आना शुरू हो गया था वहीं लोग भी कटते पेड़-पौधों को देखकर काफी परेशान थे। बस स्टॉप आदि के पास लगे पेड़ों की छाया लेकर लोगों को गर्मी के मौसम में राहत मिलती थी। लेकिन पेड़ कटने से लोगों को परेशानी हो रही थी। अब परवाणू से सोलन (चंबाघाट) तक फोरलेन में सड़क के बीच में छोड़े गए एक मीटर के डिवाइडर में चार किस्म के 30 हजार से अधिक पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। इसमें देसी कनेर, अंग्रेजी कनेर, गोविंद विलिया और टिकुढ़मा के पौधे शामिल है।
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कनेर के पौधे की खासियत
फोरलेन में अकसर कनेर के पौधे को लगाया जाता है। इस पौधे को रेगिस्तान का गुलाब कहते हैं। इसमें लाल, पीले, सफेद रंग के फूल आते हैं। इसकी मुख्य विशेषता यह है कि यह वर्षों तक बिना पानी के हरा-भरा रह सकता है और अधिक कड़वा होने के कारण इसे पशु भी नहीं खा सकते।
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स्थानीय लोगों की मदद लेंगे : पात्रा
जीआर कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर देवाशीष पात्रा ने बताया कि फोरलेन में लोगों को रात के समय वाहन चलाने में कोई कठिनाई न आए और सुंदरता के लिए डिवाइडर में पेड़-पौधों को लगाया जा रहा है। इस कार्य के लिए स्थानीय लोगों से भी मदद की आवश्यकता है कि वो भी पेड़-पौधे लगाने में कंपनी का सहयोग करें।
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