700 करोड़ की एकीकृत विकास योजना में 428 पंचायतें शामिल: गोविंद
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वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया है कि विश्व बैंक पोषित एकीकृत विकास परियोजना में प्रदेश की 428 पंचायतों को शामिल किया गया है। इस परियोजना की कार्य अवधि परियोजना की मंजूरी के बाद पांच साल होगी। विधायक पवन काजल के सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि इस परियोजना में 80 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार तथा 20 प्रतिशत राशि प्रदेश सरकार देगी। परियोजना में जिला कांगड़ा की 64 ग्राम पंचायतें शामिल की गई हैं।
निर्धारित नियमों को पूरा न करने के चलते कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र की काई भी पंचायत इस परियोजना में शामिल नहीं हो सकी है। मिड हिमालयन वाटर शेड प्रोजेक्ट में भी कांगड़ा क्षेत्र की कोई पंचायत शामिल नहीं थी। इस मामले से संबंधित अनुपूरक सवाल पूछते हुए विधायक आशीष बुटेल ने कहा कि एकीकृत विकास परियोजना एक कृषि आधारित योजना है। जिला कांगड़ा के हर क्षेत्र में कृषि होती है। ऐसे में जिला की और पंचायतों को भी इस परियोजना में शामिल किया जाए।
सड़क के लंबित कार्यों की डीपीआर केंद्र को भेजी : सीएम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि ठियोग-हाटकोटी-खड़ापत्थर-हाटकोटी-रोहडू मार्ग की चौड़ाई का कार्य विश्व पोषित परियोजना में किया गया था। ठेकेदार की ओर से सुस्ती व ठेके के नियमों के उल्लंघन करने के कारण ठेका 25 सितंबर, 2018 को निरस्त कर दिया गया। उस दिन तक इस कार्य का लगभग 92 फीसदी कार्य ही पूरा हुआ था, जिसमें हाटकोटी-रोहडू के भाग का कार्य पूरा कर लिया गया था।
यह भाग लोक निर्माण विभाग वृत्त रोहडू के अधीन है। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी विधायक मोहन लाल ब्राक्टा के लिखित प्रश्न के उत्तर में दी। इस मार्ग में अभी सड़क कटान का 50 मीटर, मैटलिंग 500 मीटर, टारिंग - 10.500 किमी, 8 पुलों, 3 पुलियों और रेटेनिंग वॉल आदि कार्य शेष है। इस कार्य की डीपीआर केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेज दी है। शेष 8 पुलों का नया स्वरूप के अनुसार डीपीआर तैयार की है। इसे भी केंद्र सरकार को भेज दिया है।