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हिमाचल में 70 पंचायत प्रतिनिधि नहीं लड़ पाएंगे चुनाव, जानें वजह
Sat, 24 Oct 2020 10:48 AM IST
Krishan Singh
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला, शिमला
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 24 Oct 2020 10:48 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
हिमाचल में 70 पंचायत प्रतिनिधि इस बार चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। पंचायतों के विकास कार्य में घोटाले और आपराधिक मामलों में संलिप्तता के चलते ऐसा किया गया है। प्रदेश में जनवरी, 2021 में पंचायत चुनाव संभावित हैं। हिमाचल में पहले 3226 पंचायतें थी। इसके अलावा सरकार ने 411 नई पंचायतें घोषित की हैं। अब कुल पंचायतों की संख्या 3637 हो गई है। पंचायती राज विभाग इन दिनों पंचायत चुनाव की तैयारियों और पंचायत के पुराने विकास कार्य के रिकॉर्ड की पड़ताल करने लगा है।
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बताया जा रहा है कि कई पंचायत प्रधान, उपप्रधान ऐसे हैं, जिन्होंने विकास कार्यों में सरकारी पैसे का या तो दुरुपयोग किया या पैसे का गबन किया है। इनमें से पूर्व में कई प्रधानों और उपप्रधानों के खिलाफ मामले तक दर्ज हो चुके हैं। अब ये लोग चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बताया कि जिन प्रतिनिधियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कर सजा सुनाई गई है, वे चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। विभाग के पास इन सबका रिकॉर्ड है।
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18 विकास कार्यों के लिए जारी होती राशि
प्रदेश और केंद्र सरकार 18 विकास कार्यों के लिए राशि जारी करती है। इनमें वर्षाशालिका, श्मशानघाट, रास्ते, टैंक निर्माण, जमीन सुधार, सामुदायिक भवन, रोशनी की व्यवस्था आदि शामिल है।
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