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Himachal: छह विभागों की सुस्ती के कारण केंद्र सरकार के पास फंसे 664 करोड़, जानें पूरा मामला

Wed, 28 Sep 2022 11:08 AM IST
Krishan Singh सुरेश शांडिल्य, शिमला
सुरेश शांडिल्य, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 28 Sep 2022 11:08 AM IST
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सार
हिमाचल सरकार पहले से आर्थिक संकट से जूझ रही है। अब सरकार के छह विभागों की सुस्ती के कारण केंद्र सरकार के पास 664 करोड़ रुपये फंस गए हैं।
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664 crores stuck with the central govt due to the slowness of six departments, know the whole matter
रुपये(सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हिमाचल सरकार के छह विभागों की सुस्ती के कारण केंद्र सरकार के पास 664 करोड़ रुपये फंस गए हैं। राजस्व, लोक निर्माण, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, परिवहन और शहरी विकास विभागों की लचर प्रणाली और सुस्ती के कारण यह पेच फंसा है। यह विभाग केंद्र से वित्तपोषित योजनाओं का बजट समय पर नहीं खर्च रहे हैं और न ही वक्त रहते यूसी दे रहे हैं। केंद्र ने राज्य सरकार को 50 वर्ष के लिए 800 करोड़ का ब्याजमुक्त कर्ज मंजूर किया था, मगर पिछले कार्यों के लिए स्वीकृत बजट के इस्तेमाल प्रमाणपत्र (यूसी) नहीं दिए जाने से अभी तक केवल 176 करोड़ रुपये ही लिए जा सके हैं। सरकार पहले से आर्थिक संकट से जूझ रही है। सरकार पर करीब 70 हजार करोड़ का कर्ज है।



इसी वित्तीय वर्ष में करीब 6 हजार करोड़ रुपये तो ऋण की अदायगी में ही खर्च किए जाने हैं। केंद्र सरकार से एक और राहत ब्याजमुक्त कर्ज के रूप में 800 करोड़ रुपये की मिली तो उसका ठीक से उपयोग नहीं हो पा रहा है। यह बजट केंद्र सरकार से वित्तपोषित विभिन्न योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए दिया गया है। ये योजनाएं विभिन्न विभागों से संबंधित हैं। जैसे-जैसे इन स्कीमों के लिए पिछले मंजूर बजट के यूसी केंद्र को भेजे जाएंगे, वैसे-वैसे ही वहां से अगला बजट भी रिलीज होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना ने पुष्टि की है कि राजस्व, लोक निर्माण, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, परिवहन और शहरी विकास विभागों से पिछले स्वीकृत बजट के यूसी नहीं मिलने से ब्याजमुक्त ऋण के 664 करोड़ रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। इसके लिए सरकारी विभागों को बार-बार रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। 

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