फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   63 employees of ambulance rusticated, 200 will return to work

हिमाचल में एंबुलेंस के 63 कर्मी बर्खास्त, 200 काम पर लौटेंगे

Sun, 01 Jul 2018 12:41 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 01 Jul 2018 12:41 PM IST
विज्ञापन
63 employees of ambulance rusticated, 200 will return to work

हिमाचल में हड़ताल पर चल रहे 63 एंबुलेंस कर्मियों को जीवीके ईएमआरआई कंपनी ने शिकंजा कसते हुए बर्खास्त कर दिया है। इसके अलावा हड़ताली 200 कर्मचारी काम पर लौटने को तैयार हैं।

विज्ञापन


कंपनी ने हड़ताल के छह दिन बाद कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। वर्तमान में कंपनी हिमाचल में 198 गाड़ियां 108 एंबुलेंस श्रेणी और 126 गाड़ियां 102 श्रेणी की हैं।
विज्ञापन


इनमें से 108 की 192 एंबुलेंस सड़कों पर दौड़ रही हैं, जबकि 102 की 60 एंबुलेंस चल पड़ी हैं।इस तरह देखा जाए तो 108 सेवा में सुधार है, जबकि 102 अभी भी बेपटरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 जीवीके ईएमआरआई कंपनी के राज्य प्रभारी मेहुल सुकुमारन ने बताया कि कर्मचारियों की मानने लायक मांगें स्वीकार कर ली हैं। कई मांगें मानने लायक नहीं हैं। इनमें से एक मांग इन कर्मचारियों को सरकारी सेवाओं के तहत लाने की है, जिसे मानना कंपनी के लिए संभव नहीं है। 

जारी रहेगा संघर्ष 

63 employees of ambulance rusticated, 200 will return to work

कुछ मांगें जैसे वेतन को 25 हजार रुपये मासिक करने और पूर्व में निष्कासित किए 27 कर्मियों को वापस सेवा पर लेना भी संभव नहीं है। कुछ कर्मचारियों को शराब पीने, डीजल चोरी करने जैसे आरोपों पर निकाला गया है।

सुकुमारन ने कहा कि 63 कर्मचारियों की सेवाएं बर्खास्त करने से पहले उन्हें चेता दिया गया था। हड़ताली कर्मचारियों को तीन बार नोटिस दिए गए। एंबुलेंस चलाने के लिए उत्तराखंड के बाद राजस्थान और गुजरात से भी ड्राइवर बुलाए गए हैं

ताकि  खड़ी एंबुलेंस को सड़कों पर चलाया जा सके। बाहरी राज्यों से ऐसे करीब 100 चालक बुलाए गए हैं। इनके अलावा होमगार्ड और सरकारी चालक भी एंबुलेंस चला रहे हैं। 

108 एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष पूर्ण चंद ने प्रदेश सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। पूर्ण चंद ने चेतावनी दी है कि जब तक वेतन विसंगति का मसला हल नहीं होता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

एंबुलेंस कर्मियों से वार्ता कर हड़ताल खत्म करवाए सरकार

63 employees of ambulance rusticated, 200 will return to work

प्रदेश में एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल को लेकर कांग्रेस ने जयराम सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग के चेयरमैन नरेश चौहान ने कहा कि जयराम सरकार तुरंत 102 व 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की जायज मांगें मानकर हड़ताल को खत्म कराए।

उन्होंने हड़ताल के लिए सीधे तौर पर सरकार को ही जिम्मेदार ठहराया। चौहान के अनुसार सरकार इस मामले में भी प्रशासनिक तौर पर पूरी तरह विफल रही है।

स्वास्थ्य मंत्री को अड़ियल रवैया अपनाने के बजाय तुरंत हड़ताली कर्मियों को वार्ता का न्यौता भेजना चाहिए ताकि हड़ताल को खत्म कराया जा सके। चूंकि, हड़ताल के कारण एंबुलेंस सेवाएं ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी तरह पटरी से उतर चुकी हैं।

लोगों को एंबुलेंस न मिलने पर आपात समय में भारी भरकम राशि खर्च कर निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। सरकार वार्ता के बजाय हड़ताली कर्मियों पर एस्मा लगाकर दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। लोकतंत्र में यह उचित नहीं है।

सरकार ने अगर गंभीरता से कोशिश की होती तो यह हालात उत्पन्न न होते। चौहान ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को बिना देरी के पूरा करे ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके। चौहान ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल इतनी लंबी कभी नहीं हुई, न ही उन पर दमनात्मक कार्रवाई की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed