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रघुपुर क्षेत्र में देहुरी मेला शुरू
Updated Tue, 08 Aug 2017 10:12 PM IST
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आनी (कुल्लू)।
विकास खंड आनी के रघुपुर क्षेत्र में मनाया जाने वाला 11 दिवसीय ऐतिहासिक और प्राचीन देहुरी मेला विधिवत रूप से शुरू हो गया है। क्षेत्र का यह सबसे बड़ा मेला है। दूर-दूर से लोग मेले में पहुंचते हैं। क्षेत्र के आराध्य श्री खुड्डीजल देवता के सम्मान में आयोजित देहुरी मेला रक्षाबंधन के दिन शुरू हुआ। जन्माष्टमी पर्व पर इसका समापन होगा।
मान्यता है कि इस दौरान देवता अपनी जनता को खुशहाली का आशीर्वाद देते हैं। वह भी जनता के सुख-दुख में भागीदार होते हैं। इसके लिए देवता की छडी़ क्षेत्र के बडे़-बड़े गांव में वाद्य यंत्रों की के साथ पहुंचकर आशीर्वाद देती है। पहले चार दिन देवता मंदिर से बाहर नहीं निकलते। पांचवें दिन 11 अगस्त को देवता का पलैच मेला होगा, जो 13 अगस्त तक चलेगा। 14 व 15 अगस्त को देवता फि र मंदिर में प्रवेश करेंगे। 16 अगस्त को देवता का अंतिम मेला होगा। इस दिन देवता की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। क्षेत्र के सभी हरियाण इस अद्भुत दृष्य के साक्षी बनते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ अगले दिन मेले का विधिवत समापन होगा। कारदार शेर सिंह, कमेटी अध्यक्ष शिवराज शर्मा का कहना है कि क्षेत्र का यह सबसे बड़ा मेला है। मेलों के दौरान भव्य देवनाटी का आयोजन किया जाता है। देहुरी में खूब दुकानें सज चुकी हैं। मेले में देवता खुड्डीजल के साथ-साथ खोलू देवता भी शामिल हैं।
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विकास खंड आनी के रघुपुर क्षेत्र में मनाया जाने वाला 11 दिवसीय ऐतिहासिक और प्राचीन देहुरी मेला विधिवत रूप से शुरू हो गया है। क्षेत्र का यह सबसे बड़ा मेला है। दूर-दूर से लोग मेले में पहुंचते हैं। क्षेत्र के आराध्य श्री खुड्डीजल देवता के सम्मान में आयोजित देहुरी मेला रक्षाबंधन के दिन शुरू हुआ। जन्माष्टमी पर्व पर इसका समापन होगा।
मान्यता है कि इस दौरान देवता अपनी जनता को खुशहाली का आशीर्वाद देते हैं। वह भी जनता के सुख-दुख में भागीदार होते हैं। इसके लिए देवता की छडी़ क्षेत्र के बडे़-बड़े गांव में वाद्य यंत्रों की के साथ पहुंचकर आशीर्वाद देती है। पहले चार दिन देवता मंदिर से बाहर नहीं निकलते। पांचवें दिन 11 अगस्त को देवता का पलैच मेला होगा, जो 13 अगस्त तक चलेगा। 14 व 15 अगस्त को देवता फि र मंदिर में प्रवेश करेंगे। 16 अगस्त को देवता का अंतिम मेला होगा। इस दिन देवता की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। क्षेत्र के सभी हरियाण इस अद्भुत दृष्य के साक्षी बनते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ अगले दिन मेले का विधिवत समापन होगा। कारदार शेर सिंह, कमेटी अध्यक्ष शिवराज शर्मा का कहना है कि क्षेत्र का यह सबसे बड़ा मेला है। मेलों के दौरान भव्य देवनाटी का आयोजन किया जाता है। देहुरी में खूब दुकानें सज चुकी हैं। मेले में देवता खुड्डीजल के साथ-साथ खोलू देवता भी शामिल हैं।
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