रोहतांग टनल में जबरन घुसे 60 लाहौली वापस भेजे, भूख-प्यास से दो महिलाएं बेहोश
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कई घंटों तक माइनस डिग्री तापमान में भूखे प्यासे रहने के बाद सोमवार रात भड़के 60 से ज्यादा लाहौल निवासी महिलाओं और बच्चों के साथ बिना अनुमति ही रोहतांग टनल में घुस गए और मनाली की ओर रवाना हुए।
टनल में साढ़े 6 किमी पैदल चलने के बाद रात 12 बजे दो दासी देवी पत्नी तोग चंद ठाकुर और रोशनी देवी पत्नी शमशेर बेहोश हो गईं जबकि तीन लोगों की तबीयत बिगड़ गई। सूचना पर बीआरओ प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए।
बेहोश महिलाओं को मनाली अस्पताल पहुंचाया गया जहां गंभीर हालत में दासी देवी को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। तबीयत बिगड़ने का कारण ठंड व भूख बताया जा रहा है। उधर, टनल में घुसे 60 लोगों को बीआरओ ने सेना व लाहौल पुलिस की मदद से दो बसों में उदयपुर और केलांग पहुंचाया।
नॉर्थ पोर्टल से सुरक्षा कर्मियों की सूचना पर बीआरओ के धुंधी स्थित हेडक्वार्टर से रोहतांग टनल परियोजना के मुख्य अभियंता ब्रिगेडियर एनएम चंद्रराणा खुद सेना पुलिस को लेकर रात करीब 11.30 बजे मौके पर पहुंचे।
साथ ही एसडीएम केलांग अमर नेगी पुलिस बल के साथ नॉर्थ पोर्टल पहुंचे। बताया जा रहा है कि बीआरओ की शिकायत पर प्रदेश के मुख्य सचिव ने रात को जिला प्रशासन से घटना की जानकारी ली।
इन लोगों को बीआरओ के वाहनों से फिर वापस टनल के नॉर्थ पोर्टल पहुंचाया। इसमें रात के दो बज गए। एसडीएम अमर नेगी ने कहा कि लोग संयम से काम लें, क्योंकि रोहतांग टनल अभी निर्माणाधीन है।
लोग बोले-पहुंच वाले लोग टनल से कर रहे आवाजाही
सोमवार रात करीब एक बजे नॉर्थ पोर्टल में फंसे लोगों ने अमर उजाला को बताया कि वे दो दिनों से टनल के मुहाने तक पहुंच रहे हैं। सोमवार को सभी लोगों की सूची ली गई। बताया गया कि सभी लोगों को टनल से मनाली पहुंचाया जाएगा।
लेकिन देर रात तक कुछ पहल नहीं हुई तो लोगों ने जबरन पैदल ही रोहतांग टनल पर करने का मन बनाया। उधर, राम दासी के पुत्र अनिल ने बताया कि बीमार लोगों को टनल से जाने की अनुमति न देना दुखद है। लाहौल-स्पीति प्रशासन और बीआरओ के बीच तालमेल की कमी भारी पड़ रही है।
एसडीएम के साथ बीआरओ की बैठक आज
लोगों के टनल में घुसपैठ की घटना के बाद बीआरओ ने धुंधी स्थित अपने मुख्यालय में बुधवार को एसडीएम लाहौल और मनाली की बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है कि टनल से होकर आवाजाही को लेकर बातचीत होगी। एसडीएम केलांग अमर नेगी ने इसकी पुष्टि की है।
बर्फ में पांच किलोमीटर रास्ता बनाकर टीम ने मनाली पहुंचाए आठ लोग
मौसम अनुकूल रहने पर कोकसर में तैनात बचाव चौकी के सदस्यों ने मंगलवार को रोहतांग दर्रा पैदल आवाजाही के लिए खोल दिया है। बर्फ के बीच कोकसर से रोहतांग तक लगभग पांच किलोमीटर तक पैदल रास्ता बनाकर आठ लोग मनाली पहुंचाए गए।
इस रास्ते को बनाने में बचाव दल को करीब चार घंटे का समय लगा है। रोहतांग सुरंग के नॉर्थ पोर्टल से जाने की मंजूरी न मिलने पर अब लोगों को मजबूरन पैदल ही दर्रा पार करना पड़ रहा है।
कोकसर बचाव चौकी के प्रभारी पवन ठाकुर ने बताया कि मंगलवार को आठ यात्रियों को कोकसर और मढ़ी बचाव चौकियों में तैनात टीम की मदद से मनाली सुरक्षित पहुंचाया गया।
बताया जा रहा है कि ये आठ जवानों हाल ही में सेना में भर्ती हुए थे। उन्हें ज्वाइनिंग के लिए जाना था। पवन ने बताया कि रोहतांग के पास निजी कंपनी का एक ट्रक अभी भी बर्फ में दबा है।