फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   587 people died in road accidents in himachal this year.

7 माह, 102 बस हादसे और 587 मौतें

Sat, 23 Aug 2014 08:13 AM IST
Updated Sat, 23 Aug 2014 08:13 AM IST
विज्ञापन
587 people died in road accidents in himachal this year.

प्रदेश में इसी साल अब तक 102 बस हादसे हो चुके हैं, इनमें 587 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं कई लोग अपाहिज हो चुके हैं। इसका मुख्य कारण यह बताया जा रहा है कि सड़कों पर बसें कायदे-कानूनों को ताक पर रखकर दौड़ाई जा रही हैं। ऐसे में हादसे होना स्वाभाविक है। राज्य में बस हादसों का सिलसिला आखिर कब रुकेगा, यह चिंता का विषय बन गया है? इसी साल अब तक हुए हादसों में सर्वाधिक 71 निजी बसें दर्घटनाग्रस्त हुई हैं।

विज्ञापन


वाहन दुर्घटना में इस साल 587 लोगों की मौत हो चुकी है। जनवरी 2014 से लेकर अब तक हिमाचल में लगभग 1450 से ज्यादा वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। इनमें 2600 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। इस साढ़े सात माह की अवधि में करीब शिमला में सर्वाधिक 89 लोगों की जानें जा चुकी हैं।
विज्ञापन


सिरमौर जिले में 88 लोग प्राण गंवा चुके हैं। किन्नौर जिले में भी 47 लोगों की की मौत हो चुकी है। प्रदेश का ऐसा कोई जिला नहीं, जहां लोगों की दुर्घटनाओं में जान न गई हो। यह जरूर है कि लाहौल स्पीति, हमीरपुर, किन्नौर और कुल्लू जिलों में ही अपेक्षाकृत कम हादसे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रूट परमिट तो था, मगर पास नहीं थी बस

587 people died in road accidents in himachal this year.

किन्नौर जिले में वीरवार को दुर्घटनाग्रस्त हुई निजी बस का रूट परमिट तो था, मगर यह पास नहीं थी। बिना पास करवाए बस को सड़क पर चलाना भी अपराध है। यह बस वर्ष 2012 के मॉडल की थी। यह केवल दो साल पुरानी ही थी। ये तथ्य प्रथम दृष्टया राज्य परिवहन विभाग के अधिकारियों को मिले हैं।

हालांकि, जांच अधिकारी अतिरिक्त आयुक्त परिवहन संजय शर्मा ने कहा कि इस बारे में वे तथ्यों की छानबीन कर रहे हैं। शुक्रवार को आरटीओ प्रशांत देष्टा को घटनास्थल पर भेजा गया है, वही, मुआयना करने के बाद कुछ कह सकते हैं।

बस हादसे रोकने को सरकार गंभीर : बाली
परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि बस हादसों को रोकने के लिए सरकार गंभीर है। उन्होंने कहा कि इसके लिए लगातार विचार मंथन हो रहा है। नई ट्रांसपोर्ट पॉलिसी भी लाई जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed