शिमला में बर्ड फ्लू का खौफ, मरी 343 मुर्गियां
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चंडीगढ़ में बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद शिमला में एकसाथ 343 मुर्गियां मरने से हड़कंप मच गया है। ये मुर्गियां हरियाणा के नारायणगढ़ से लाई गई थीं। नगर निगम के स्लॉटर हाउस में सप्लाई पहुंचने पर निरीक्षण के दौरान मुर्गियों के मरने का पता चला।
एक साथ इतनी मुर्गियां मरने से बर्ड फ्लू का अंदेशा जताया जा रहा है। नगर निगम की टीम ने जांच के लिए मुर्गिर्यों के सैंपल जालंधर भेज दिए हैं। मर चुकी मुर्गियों को दफना दिया है। सप्लाई में आईं शेष 1357 मुर्गियों को जांच रिपोर्ट आने तक फ्रीज कर दिया है।
बताया जा रहा है कि इसकी रिपोर्ट तीन दिन में आएगी। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि आखिर इनकी मौत कैसे हुई है। बहरहाल इस घटना से शहर के कारोबारियों में भी हड़कंप मच गया है।
सुबह ही पहुंचाई थी शिमला
जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह नारायणगढ़ से दो छोटे ट्रकों में 1700 मुर्गियों की सप्लाई शिमला पहुंची। स्लॉटर हाउस पहुंचने पर निरीक्षण के दौरान 346 मुर्गियां मरी पाई गईं। इनमें एक ट्रक में 300, दूसरे में 43 मुर्गियां थीं।
सूचना के बाद तीन डॉक्टर और तीन फार्मासिस्टों की टीम ने बारीकी से इसकी जांच की। जांच में पाया कि ट्रक में क्षमता से अधिक मुर्गियां भरी हुई थीं। दम घुटने से मुर्गियों के मरने का भी अंदेशा जताया जा रहा है।
नगर निगम आयुक्त पंकज राय ने कहा कि ऐहतियात के तौर पर सैंपल लिए गए हैं। ठंड की वजह से भी कई बार मुर्गियों की मौत हो जाती है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।
सुखना लेक में सामने आ चुका बर्ड फ्लू
चंडीगढ़ की सुखना लेक में इस साल बर्ड फ्लू का मामला सामने आ चुका है। इसके बाद यूटी प्रशासन ने सुखना लेक पर पर्यटकों की एंट्री बैन कर दी थी। लेक से लेकर आईलैंड तक एक किलोमीटर के दायरे को सील कर दिया गया था।
बर्ड फ्लू के चलते सुखना लेक पर बतखों का मरने का सिलसिला शुरू हो गया था। इसके बाद प्रशासन ने जांच की और बर्ड फ्लू की पुष्टि की थी। हालांकि अभी तक किसी भी व्यक्ति में वायरस की सूचना नहीं है।