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ठियोग-खड़ापत्थर-हाटकोटी सड़क अवरऊद्ध

Mon, 03 Sep 2018 11:47 AM IST
Updated Mon, 03 Sep 2018 11:47 AM IST
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शिमला। राजधानी शिमला को ऊपरी शिमला के सेब बाहुल्य क्षेत्रों से जोड़ने वाली ठियोग-खड़ापत्थर-हाटकोटी सड़क भारी बारिश के बाद रविवार दोपहर बंद हो गई। खड़ापत्थर और कोटखाई के बीच निहारी और पट्टीढांक के पास भूस्खलन के बाद सड़क बंद होने से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। कोटखाई-टाऊ-खड़ापत्थर वैकल्पिक मार्ग पर वाहनों की आमद बढ़ने के कारण जाम लग गया। शाम सात बजे तक करीब तीन किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें इस मार्ग पर लग चुकी थी। जाम के कारण इस वैकल्पिक मार्ग से होकर आवाजाही करने वालों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
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निहारी और पट्टीढांक के पास रविवार सुबह से ही यहां हल्का भूस्खलन हो रहा था, लेकिन बड़ा पत्थर ट्रक में लगने के बाद सड़क को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया। सड़क बंद होने के कारण दोनों और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सेब से लदी सैकड़ों पिकअप गाड़ियां और ट्रक जाम में फंस गए। हालांकि सड़क बहाल करने का काम तुरंत शुरू कर दिया गया। ठियोग-खड़ापत्थर-हाटकोटी सड़क बंद होने के बाद एचआरटीसी की रोहड्ू शिमला रूट पर चलने वाली बसों को वैकल्पिक मार्ग से रवाना किया गया। एचआरटीसी रोहड़ूू डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक विनोद शर्मा ने बताया कि भूस्खलन के बाद एक बस की ट्रांसशिपमेंट की गई, लेकिन भारी भूस्खलन के बाद बसों को वाया टिक्कर-बाघी-नारकंडा रवाना किया गया। भूस्खलन के कारण सड़क बंद होने से बसों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। उधर सेब उत्पादक क्षेत्र की सड़क बार बार बंद होने से बागवान भी अपनी उपज को मंडियों तक पहुंचाने को लेकर खासे परेशान हैं।
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सोमवार सुबह 8 बजे तक बंद रहेगी सड़क
एसडीएम ठियोग मोहन दत्त शर्मा ने ठियोग-खड़ापत्थर-हाटकोटी सड़क पर निहारी और पट्टीढांक के पास बार-बार हो रहे भूस्खलन के चलते सुरक्षा कारणों से सड़क पर सोमवार सुबह 8 बजे तक वाहनों की आवाजाही बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। रविवार को एसडीएम, डीएसपी और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मोहन दत्त शर्मा ने बताया कि जिस स्थान पर भूस्खलन हुआ है, वहां पहाड़ी पर बड़ी दरार आ गई है, जिससे कभी भी बड़े पत्थर वाहनों पर गिर सकते हैं। धुंध के कारण विजिविलिटी भी बेहद कम है, जिससे हादसे की आशंका बढ़ गई है। लोग नारकंडा-बाघी-रोहड्ूू वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं।
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