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Himachal: प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के 3,000 पद रिक्त, पढ़ाना चुनाैती

Mon, 16 Sep 2024 10:39 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 16 Sep 2024 10:39 AM IST
सार

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से जारी बयान में कहा कि प्राथमिक शिक्षा के हित में रिक्त पदों को जल्द भरा जाए। इस समय 20 से कम संख्या वाली पाठशालाओं में दूसरा शिक्षक नहीं दिया जा रहा है। 

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3,000 teacher posts are vacant in himachal primary schools, teaching is a challenge
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने कहा कि प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के 3,000 पद रिक्त हैं। स्कूलों में पढ़ाई कराना मुश्किल हो गया है। संघ के प्रधान के अलावा संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रमोद चौहान, नारायण शर्मा, रामदत्त शर्मा, भजना राम, प्रदीप कुमार, देवेंद्र मोशटा और रमेश कुमार ने कहा कि हर स्कूल में कम से कम दाे शिक्षक नियुक्त करने की मांग की। नवनियुक्त जेबीटी के लिए संघ ने पंजाब की तर्ज पर 35,400 रुपये का मूल वेतन मांगा है। अनुबंध अध्यापकों को 30 सितंबर और 31 मार्च को नियमित करने का प्रस्ताव भी रखा है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि अगर जल्द ही सरकार ने वार्ता के लिए नहीं बुलाया तो 21 सितंबर को निदेशालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। 

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संघ की ओर से जारी प्रेस बयान में कहा कि प्राथमिक शिक्षा के हित में रिक्त पदों को जल्द भरा जाए। इस समय 20 से कम संख्या वाली पाठशालाओं में दूसरा शिक्षक नहीं दिया जा रहा है। पूर्व में भी ऐसा ही रहा कि हजारों रिक्तियों के चलते स्कूल लंबे समय तक बिना अध्यापक या एक अध्यापक के सहारे रहे। ऐसे में अभिभावकों ने बच्चों को सरकारी स्कूलों से निकाल कर मजबूरन निजी स्कूलों में दाखिले करवाए। जगदीश ने कहा कि बंद हुए और विलय किए स्कूलों के समस्त पदों को सांझा सरोवर में डालने के बजाय केंद्रीय पाठशालाओं या मुख्यमंत्री एक्सीलेंस स्कूलों में शिफ्ट किया जाए। भविष्य में किसी भी पाठशाला को बंद ना किया जाए। अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने कहा कि इन मांगों को लेकर कई बार निदेशक प्रारंभिक शिक्षा और सचिव शिक्षा से हम वार्ता कर चुके हैं लेकिन कोई हल नहीं निकला। उन्होंने कहा कि संघ को बैठक के लिए बुलाया जाना चाहिए। अगर सरकार की ओर से जल्द ही वार्ता नहीं की गई तो 21 सितंबर को सांकेतिक रोष प्रदर्शन निदेशालय में किया जाएगा।
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नर्सरी अध्यापक भी नहीं किए भर्ती
अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने कहा कि प्रदेश के 6300 के करीब प्राथमिक स्कूलों में पूर्व प्राथमिक कक्षाएं वर्ष 2018 से चल रही हैं। 6 वर्ष बीत जाने पर भी इन कक्षाओं के लिए नर्सरी अध्यापक नहीं रखे गए हैं। इन कक्षाओं में 50,000 के करीब बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनको हर तरह की गणना के समय पाठशाला की संख्या के साथ गिना जाना चाहिए। इन कक्षाओं का पूरा भार प्राथमिक शिक्षकों पर ही है। इस नियुक्ति प्रक्रिया को बिना विलंब पूरा किया जाए। 

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समाज शिक्षा एवं खंड योजना अधिकारी महासंघ (एसईबीपीओ) के चुनाव स्वारघाट में हुए। गगरेट से रवि प्रकाश जोशी को महासंघ का प्रधान नियुक्त किया गया। नई कार्यकारिणी सर्वसम्मति से चुनी गई। कार्यकारिणी में चौंतड़ा से पंकज ठाकुर को महासचिव, कांगड़ा से प्रवेश को वरिष्ठ उपप्रधान, सोलन से मंजुला को सह सचिव, चौहारा से मुकेश रुपटा को कोषाध्यक्ष, धर्मपुर से रामस्वरूप को प्रेस सचिव, बिलासपुर से जसवीर साम्बयाल को संयोजक और श्री नयना देवी जी से अरविंद को मुख्य सलाहकार चुना गया। इसके अलावा मंडी से बलदेव, कांगड़ा से राजकुमार, नगरोटा बगवां से देशराज, शिमला से सत्य प्रकाश, चंबा से ठाकुर सिंह, पच्छाद से दर्शन लाल पुंडीर को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया। संवाद कार्यकारिणी के गठन के बाद सभी पदाधिकारियों को गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। सभी पदाधिकारियों ने कहा कि पे-स्केल, पदोन्नति आदि से संबंधित मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने का भरसक प्रयास किया जाएगा। इसके लिए कार्यकारिणी की शीघ्र ही आगामी बैठक बुलाई जाएगी। 

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