गुणा-भाग में ही फेल हो गए 10वीं के इतने सारे छात्र, आंकड़ा चौंका देगा
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गणित विषय का हौव्वा सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का पीछा नहीं छोड़ रहा है। दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में गणित विषय में सबसे अधिक बच्चे फेल हुए हैं। कुल 1.15 लाख विद्यार्थियों ने गणित की परीक्षा दी थी।
इनमें 25398 बच्चे गुणा-भाग करने में सफल नहीं हुए। गणित के बाद अंग्रेजी दूसरा विषय है, जिसमें सबसे अधिक बच्चे फेल हुए हैं। अंग्रेजी की परीक्षा में 16136 बच्चे फेल हुए हैं। बोर्ड से परीक्षा परिणाम का विषय वार ब्योरा आने के बाद शिक्षा निदेशालय इसकी समीक्षा में जुट गया है।
27 मई को बोर्ड कक्षाओं के नतीजों की समीक्षा के लिए गठित कमेटी की बैठक भी बुलाई गई है। शिक्षा निदेशालय से मिली जानकारी के मुताबिक विज्ञान विषय ने 15685 विद्यार्थी फेल हुए हैं। इसके बाद सामाजिक विज्ञान में 12422, हिंदी में 7835, कंप्यूटर साइंस में 618, अर्थशास्त्र में 80, संगीत गायन में 25 और उर्दू में एक विद्यार्थी फेल हुआ है।
गणित, अंग्रेजी और विज्ञान विषय को लेकर सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणामों में बीते कुछ सालों से अधिक सुधार नहीं आया है। इन तीनों विषयों में फेल होने वाले बच्चों की हर संख्या बढ़ती जा रही है। पहली से आठवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को फेल नहीं करने की नीति इसके लिए जिम्मेवार मानी जा रही है।
कहीं खराब रिजल्ट के पीछे ये कारण तो नहीं
इस साल स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं की मेरिट में सरकारी स्कूल से सिर्फ एक छात्र आने से शिक्षा नीति पर कई सवाल उठ गए हैं। शिक्षा निदेशालय के अधिकारी भी मानते हैं कि पहली से आठवीं कक्षा में विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षा के आधार पर अगली कक्षा में भेजने के चलते ही प्रदेश में शिक्षा में गुणवत्ता घट रही है।
115317 ने दी परीक्षा, 76855 हुए पास
115317 विद्यार्थियों ने इस साल दसवीं की परीक्षा दी थी। इसमें 76855 विद्यार्थी ही पास हो सके। 16564 विद्यार्थियों को कंपार्टमेंट आई है।