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नगर निगम ने 33 गुना बढ़ाया मजदूरों के हॉस्टलों का किराया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 22 Nov 2018 12:13 PM IST
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भाजपा शासित नगर निगम ने शहर में मजदूरों और श्रमिकों के रहने के लिए बनाए लेबर हॉस्टलों का किराया 33 गुना बढ़ा दिया है। अब श्रमिकों को 20 रुपये की जगह 675 रुपये प्रतिमाह किराया चुकाना होगा। महापौर कुसुम सदरेट की अध्यक्षता में बुधवार को हुई जीएफसी की बैठक में किराया बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। अंतिम मंजूरी के लिए इस प्रस्ताव को मासिक सदन में रखा जाएगा।
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निगम प्रशासन के अनुसार किराये की दरें 1986 से नहीं बढ़ाई गई हैं। वर्तमान में महंगाई के हिसाब से किराया काफी कम है। ऐसे में किराया बढ़ाने का प्रस्ताव लाया गया। शहर में नगर निगम के छह लेबर हॉस्टल हैं जिनमें चार सौ से अधिक मजदूर रह रहे हैं। यह कृष्णानगर, फागली, चौड़ा मैदान, कोर्टहिल, लक्कड़ बाजार और मरीना होटल के पास बने हैं। इनमें चौड़ा मैदान और कोर्टहिल के लेबर हास्टलों में सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। इनमें अब श्रमिकों के लिए अलग बेड का प्रावधान किया है। साथ ही अलमारियों की भी व्यवस्था की है। इनका मरम्मत कार्य पूरा कर लिया है।
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डीसी ऑफिस के पास पार्षदों को मिलेगी पार्किंग
उपायुक्त कार्यालय के पास पार्षदों के लिए छह वाहनों की पार्किंग की सुविधा देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। पार्षदों का तर्क था कि उन्हें नगर निगम आने पर गाड़ियां पार्क करने को जगह नहीं मिलती। गाड़ियों के चालान काटे जाते हैं। बैठक में खलीनी में खस्ताहाल रेन शेल्टर को गिराने और एमसी में कार्यरत एक कर्मचारी को पदोन्नति देने के प्रस्ताव पर भी मंजूरी दी गई।
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