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छात्रावासों को लेकर विवि सख्त, कहा-नियमानुसार मिलेगी सुविधा
Updated Wed, 11 Oct 2017 12:59 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रावासों में गेस्ट के तौर पर ठहरने वाली छात्राओं पर अब कड़ी निगरानी रहेगी। सोमवार देर रात कन्या छात्रावास में गेस्ट छात्रा की एंट्री को लेकर हुए हंगामे के बाद मंगलवार को कुलपति ने सभी वार्डनों की बैठक बुलाई। कुलपति प्रो. राजेंद्र चौहान ने कहा कि विवि प्रशासन हर छात्रा को हॉस्टल सुविधा देने की कोशिश कर रहा है। चीफ वार्डन से कहा कि सभी छात्रावासों में नियमों के अनुसार ही छात्राओं को एंट्री दी जाए।
इस दौरान कुलपति से मिलने पहुंचे एसएफआई कैंपस अध्यक्ष जीवन ठाकुर ने गेस्ट छात्राओं को ठहरने की सुविधा देने की मांग उठाई। कहा कि पहले भी इन छात्राओं को हॉस्टल में ठहराया जाता रहा है। प्रशासन ने कहा कि नियमानुसार दो दिन से ज्यादा किसी गेस्ट को नहीं ठहराया जा सकता। फिर भी इस पर विचार किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार उक्त छात्रा को हॉस्टल अलॉट नहीं हुआ है। यह गेस्ट के तौर पर 100 दिन से ज्यादा समय से यहां ठहरी है। नियमानुसार गेस्ट को इतने दिन ठहराया नहीं जाता। गेस्ट छात्राओं को दो दिन या वार्डन की अनुमति से अधिकतम एक हफ्ते ही हॉस्टल में ठहराया जा सकता है।
छात्रा को दी दो दिन की मोहलत
जिस छात्रा को हॉस्टल में ठहरने को लेकर देर रात विवाद हुआ था, उसे दो दिन की मोहलत दी गई है। राज्यपाल के दौरे के बाद छात्रावासों की व्यवस्था सुधार रहे विवि प्रशासन ने कई गेस्ट छात्राओं को पिछले हफ्ते ही नोटिस जारी किए थे। इसके बाद ये सभी हॉस्टल छोड़कर जा चुकी हैं। अब एक ही छात्रा हॉस्टल में ठहरी है। चीफ वार्डन अपर्णा नेगी ने बताया कि उक्त छात्रा को हॉस्टल की सुविधा नहीं दी जा सकती। यह छात्रा की दूसरी डिग्री है और नियमानुसार डबल डिग्री वाली छात्राओं को हॉस्टल नहीं मिलता। कहा कि एक हॉस्टल में 15 अक्तूबर तक मरम्मत कार्य पूरा होना है। इससे 70 छात्राओं को ठहरने की सुविधा मिलेगी।
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शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रावासों में गेस्ट के तौर पर ठहरने वाली छात्राओं पर अब कड़ी निगरानी रहेगी। सोमवार देर रात कन्या छात्रावास में गेस्ट छात्रा की एंट्री को लेकर हुए हंगामे के बाद मंगलवार को कुलपति ने सभी वार्डनों की बैठक बुलाई। कुलपति प्रो. राजेंद्र चौहान ने कहा कि विवि प्रशासन हर छात्रा को हॉस्टल सुविधा देने की कोशिश कर रहा है। चीफ वार्डन से कहा कि सभी छात्रावासों में नियमों के अनुसार ही छात्राओं को एंट्री दी जाए।
इस दौरान कुलपति से मिलने पहुंचे एसएफआई कैंपस अध्यक्ष जीवन ठाकुर ने गेस्ट छात्राओं को ठहरने की सुविधा देने की मांग उठाई। कहा कि पहले भी इन छात्राओं को हॉस्टल में ठहराया जाता रहा है। प्रशासन ने कहा कि नियमानुसार दो दिन से ज्यादा किसी गेस्ट को नहीं ठहराया जा सकता। फिर भी इस पर विचार किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार उक्त छात्रा को हॉस्टल अलॉट नहीं हुआ है। यह गेस्ट के तौर पर 100 दिन से ज्यादा समय से यहां ठहरी है। नियमानुसार गेस्ट को इतने दिन ठहराया नहीं जाता। गेस्ट छात्राओं को दो दिन या वार्डन की अनुमति से अधिकतम एक हफ्ते ही हॉस्टल में ठहराया जा सकता है।
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छात्रा को दी दो दिन की मोहलत
जिस छात्रा को हॉस्टल में ठहरने को लेकर देर रात विवाद हुआ था, उसे दो दिन की मोहलत दी गई है। राज्यपाल के दौरे के बाद छात्रावासों की व्यवस्था सुधार रहे विवि प्रशासन ने कई गेस्ट छात्राओं को पिछले हफ्ते ही नोटिस जारी किए थे। इसके बाद ये सभी हॉस्टल छोड़कर जा चुकी हैं। अब एक ही छात्रा हॉस्टल में ठहरी है। चीफ वार्डन अपर्णा नेगी ने बताया कि उक्त छात्रा को हॉस्टल की सुविधा नहीं दी जा सकती। यह छात्रा की दूसरी डिग्री है और नियमानुसार डबल डिग्री वाली छात्राओं को हॉस्टल नहीं मिलता। कहा कि एक हॉस्टल में 15 अक्तूबर तक मरम्मत कार्य पूरा होना है। इससे 70 छात्राओं को ठहरने की सुविधा मिलेगी।
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