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एचपीयू में मांगों को लेकर छात्रों का अनशन
Updated Wed, 16 Aug 2017 11:03 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एचपीयू परिसर स्थित आईआईएचएस (एकीकृत हिमालयन अध्ययन संस्थान) में चल रहे चार कोर्स के छात्रों के बने मंच ने मांगों को लेकर अनशन शुरू कर दिया है। उनकी मांगों में शिक्षकों की व्यवस्था करने, क्लास रूम आदि की व्यवस्था करना शामिल है। मंच ने कहा कि विभाग और फैकल्टी की जल्द से जल्द अधिसूचना जारी की जाए। इसे विवि एक्ट का हिस्सा बनाया जाए। छात्रों ने बुधवार को कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान से मुलाकात की। प्रदर्शन के बाद क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। पुस्तकालय के बाहर दो छात्र हिमांशु और दिनेश पहले दिन अनशन पर बैठे। मंच के अध्यक्ष पंकज और सचिव अपर्णा ने बताया कि डेढ़ लाख तक की फीस चुकाने के बावजूद उन्हें आज तक क्लासरूम और स्थायी शिक्षक तक की व्यवस्था विवि नहीं कर पाया है। आईआईएचएस के शोध अधिकारियों के पढ़ाने से मना करने के कारण अब तक संस्थान में चल रहे चार कोर्स एमबीए ग्रामीण विकास, एमएससी पर्यावरण विज्ञान और एमएफए पहाड़ी मिनियेचर और डिप्लोमा इन डिजास्टर मैनेजमेंट के 192 छात्रों की कक्षाएं तक शुरू नहीं हुई हैं। छात्रों ने विवि प्रशासन को 14 अगस्त तक कोई व्यवस्था करने और मांगों को पूरा करने का समय दिया था, बावजूद इसके आईआईएचएस के शोध अधिकारियों और विवि प्रशासन के बीच हुई बैठकों के विफल रहने पर कक्षाएं शुरू नहीं हो पाईं। छात्र संघर्ष मंच ने पूर्व घोषित तिथि 16 अगस्त से मांगें मनवाने को क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। शिक्षक न होने के कारण एमबीए ग्रामीण विकास की छात्रा दीपा नेगी और एमबीए के छात्र रमन ने कहा कि उनका अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा हो गई है, मगर उनकी प्रोजेक्ट की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। इस कारण उनकी डिग्री अटकी हुई है। पंकज और अपर्णा ने कहा कि छात्र शिक्षक, क्लास रूम और अलग विभाग का दर्जा देने जैसी सभी मांगे पूरी होने तक उनका यह क्रमिक अनशन जारी रहेगा। उधर शोध अधिकारियों की कुलपति के साथ हुई बैठक एक बार फिर से विफल रही है।
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शिमला। एचपीयू परिसर स्थित आईआईएचएस (एकीकृत हिमालयन अध्ययन संस्थान) में चल रहे चार कोर्स के छात्रों के बने मंच ने मांगों को लेकर अनशन शुरू कर दिया है। उनकी मांगों में शिक्षकों की व्यवस्था करने, क्लास रूम आदि की व्यवस्था करना शामिल है। मंच ने कहा कि विभाग और फैकल्टी की जल्द से जल्द अधिसूचना जारी की जाए। इसे विवि एक्ट का हिस्सा बनाया जाए। छात्रों ने बुधवार को कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान से मुलाकात की। प्रदर्शन के बाद क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। पुस्तकालय के बाहर दो छात्र हिमांशु और दिनेश पहले दिन अनशन पर बैठे। मंच के अध्यक्ष पंकज और सचिव अपर्णा ने बताया कि डेढ़ लाख तक की फीस चुकाने के बावजूद उन्हें आज तक क्लासरूम और स्थायी शिक्षक तक की व्यवस्था विवि नहीं कर पाया है। आईआईएचएस के शोध अधिकारियों के पढ़ाने से मना करने के कारण अब तक संस्थान में चल रहे चार कोर्स एमबीए ग्रामीण विकास, एमएससी पर्यावरण विज्ञान और एमएफए पहाड़ी मिनियेचर और डिप्लोमा इन डिजास्टर मैनेजमेंट के 192 छात्रों की कक्षाएं तक शुरू नहीं हुई हैं। छात्रों ने विवि प्रशासन को 14 अगस्त तक कोई व्यवस्था करने और मांगों को पूरा करने का समय दिया था, बावजूद इसके आईआईएचएस के शोध अधिकारियों और विवि प्रशासन के बीच हुई बैठकों के विफल रहने पर कक्षाएं शुरू नहीं हो पाईं। छात्र संघर्ष मंच ने पूर्व घोषित तिथि 16 अगस्त से मांगें मनवाने को क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। शिक्षक न होने के कारण एमबीए ग्रामीण विकास की छात्रा दीपा नेगी और एमबीए के छात्र रमन ने कहा कि उनका अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा हो गई है, मगर उनकी प्रोजेक्ट की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। इस कारण उनकी डिग्री अटकी हुई है। पंकज और अपर्णा ने कहा कि छात्र शिक्षक, क्लास रूम और अलग विभाग का दर्जा देने जैसी सभी मांगे पूरी होने तक उनका यह क्रमिक अनशन जारी रहेगा। उधर शोध अधिकारियों की कुलपति के साथ हुई बैठक एक बार फिर से विफल रही है।