फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   मथुरा से बुलाई बंदरों को पकड़ने की टीम

मथुरा से बुलाई बंदरों को पकड़ने की टीम

Wed, 25 Oct 2017 10:43 PM IST
Updated Wed, 25 Oct 2017 10:43 PM IST
विज्ञापन
मथुरा से बुलाई बंदरों को पकड़ने की टीम
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

शिमला। राजधानी शिमला में दहशत फैलाने वालों बंदरों को पकड़ने के लिए वन महकमे ने विशेषज्ञों की टीम बुला ली है। बंदरों का कैद करने के लिए तीन लोगों की टीम का दस्ता मथुरा से शिमला पहुंच गया है। विभाग टीम को एक बंदर को पकड़ने के लिए 700 रुपये की रकम अदा कर रही है। टीम ने दो दिन के भीतर जाखू और शहर के आसपास के क्षेत्र से 34 बंदरों को पिंजरे में कैद कर दिया है। बंदरों को पकड़ने के बाद उन्हें टुटीकंडी के ट्रामा सेंटर में रखा जा रहा है। सेंटर में वन्य प्राणी प्रभाग के चिकित्सक पकड़े गए बंदरों की नसबंदी करेंगे। नसबंदी करने के बाद इन बंदरों को उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा, जहां से इन्हें पिंजरे में कैद किया गया है। शिमला शहर में बंदर आतंक का पर्याय बन गए हैं। शहर के हर वार्ड में बंदरों का आतंक मचा हुआ है। बंदरों को पकड़ने के लिए मथुरा से शिमला पहुंचा टीम के दस्ते ने पहले ही दिन जाखू क्षेत्र में बंदरों को पकड़ने का कार्य शुरू कर दिया है। सभी बंदरों को नसबंदी के लिए ट्रामा सेंटर ले जाया गया। सेंटर में चिकित्सकों ने पकड़े गए बंदरों की नसबंदी करनी भी शुरू कर दी है। दो दिन सेंटर में रखने के बाद इन्हें उसी स्थान पर छोड़ दिया जाएगा जिस क्षेत्र से इन्हें कैद किया गया। बंदरों के आतंक से परेशान लोगों को निजात दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रदेश में बंदरों को वर्मिन घोषित किया था। वर्मिन घोषित करने के बाद भी शिमला शहर में बंदरों की संख्या में कोई गिरावट नहीं आई।
करोड़ों खर्च कर करवाई थी नसबंदी
बीते सालों में करोड़ाें रुपये खर्च कर बंदरों की नसबंदी करवाई गई है। महकमे ने पहले क्षेत्र के लोगों को ही बंदरों को पकड़ने के लिए कहा था। साथ ही वन विभाग की टीमें भी बंदरों को पकड़ती थीं। एक बंदर को पकड़ने के लिए 500 रुपये दिए जाते थे।
विज्ञापन

पांच किमी के दायरे में घूमता है एक समूह
गणना में सामने आया है कि बंदरों का एक ग्रुप 5 स्कवेयर किलोमीटर के दायरे में घूमता है। शिमला शहर में वन्य प्रभाग की 8 बीट ओर टेरिटोरियल की 9 बीटें हैं। इन बीटों में गणना करने के बाद 2452 बंदर पाए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

हर चुनाव में बंदर बनते रहे मुद्दा
प्रदेश के साथ साथ जिला के हर चुनाव में बंदर मुद्दा बनते रहे हैं। सभी दल इस पर खूब सियासत करते हैं लेकिन चुनावी शोर खत्म होते ही प्रदेश की जनता को बंदरों से जूझने को छोड़ दिया जाता है। आलम यह है कि कई जगह बंदरों के चलते लोगों का अकेले घरों से बाहर निकलना ही मुश्किल हो गया है।

शहरी वन विभाग के डीएफओ इंद्र कुमार ने बताया कि शहर में बंदरों के आतंक को कम करने के लिए मथुरा से बंदरों को पकड़ने की टीम बुलाई गई है। टीम ने शिमला पहुंच कर बंदरों को पकड़ने का कार्य शुरू कर दिया है। इन्हें पकड़ने के बाद ट्रामा सेंटर में इनकी नसबंदी करवाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed