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हिमाचल में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के 17490 मामले

Wed, 09 Sep 2020 09:53 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 09 Sep 2020 09:53 PM IST
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17490 cases of illegal possession of government land in Himachal
ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल सरकार ने बुधवार को सदन को अवगत कराया कि प्रदेश में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के कुल 17490 मामले सामने आए हैं। हमीरपुर के विधायक नरेंद्र ठाकुर ने जानना चाहा था कि प्रदेश में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे कितने हैं। क्या इन्हें रेगुलर करने का कोई प्रस्ताव है। सरकार ने बताया कि इस संबंध में मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने जानना चाहा था कि सरकार ने अनुदान पर किसानों को कितने ट्रैक्टर खरीदकर दिए। ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने लिखत जवाब में बताया कि तीन साल में कुल 1290 आवेदन आए और कुल 417 ट्रैक्टर दिए गए। सरकार के पास 873 आवेदन लंबित हैं। 

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विधायक इंद्र दत्त लखनपाल के सवाल पर अवगत कराया गया कि सरकार ने सितंबर में उपदान के रूप में 1.25 करोड़ दिए हैं। मार्च 2020 में कृषि विभाग ने फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए  8 करोड़, कृषि भूमि को नुकसान की क्षतिपूर्ति को 8 करोड़ और बागवानों को 9 करोड़ की राशि दी गई है। विधायक रामलाल ठाकुर के सवाल पर जानकारी दी गई कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत कटीबंदीय फलों आम, लीची, अनार, सेब नींबू का उत्पादन बढ़ाने के लिए 89.21 की राशि केंद्र से मिली है। 40.48 लाख की राशि बागवानों को पचास फीसदी उपदान में दी है। कुल 251.54 हेक्टेयर  जमीन में फलदार पौधे लगाए हैं। 

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तहसील और उपतहसील में विभाजन के लंबित मामले कांगड़ा में सबसे ज्यादा 7244

विधायक नरेंद्र ठाकुर के सवाल पर सरकार ने बताया कि तहसील और उपतहसील स्तर पर विभाजन के जिला कांगड़ा में सबसे ज्यादा 7244 मामले लंबित हैं। अन्य जिलों में तहसील और उपतहसील स्तर पर विभाजन के लंबित मामले इस प्रकार हैं। चंबा 466,  कुल्लू 438, ऊना 3667, हमीरपुर 1510, शिमला 874, बिलासपुर 807, मंडी 2117, लाहौल स्पीति 23, सोलन 516, सिरमौर 669, कांगड़ा 7244 और किन्नौर में 134 मामले लंबित हैं।

फिन्ना सिंह नहर के लिए 9700 लाख व्यय किए
विधायक कमलेश कुमारी ने सदन में जानना चाहा था कि भोरंज विधानसभा क्षेत्र में सीर खड्ड के तटीकरण की क्या स्थिति है। सदन में अवगत कराया गया कि सीर खड्ड के तटीयकरण के लिए 157.66 करोड़ की डीपीआर बनाई गई। इसको तकनीकी सलाहकार कमेटी की 136 वीं बैठक में मंजूरी दी गई है। इसे केंद्र सरकार को बाढ़ प्रबंधन और बार्डर एरिया कार्यक्रम  में शामिल करने के लिए भेजा है। 

फिन्ना सिंह नहर पर 9700 लाख खर्च किए
 विधायक विक्रम सिंह जरियाल के सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने बताया कि अभी तक सरकार ने फिन्ना सिंह नहर के विभिन्न कामों पर 9700 लाख रुपये व्यय किए हैं। बांध और सुरंग निर्माण से 4 परिवारों के घरों को दरारें आई हैं। इन लोगों को उपमंडल कार्यालय के भवन में रखा गया है। 

ऊना में जल निकासी को 22.48 करोड़ की डीपीआर
विधायक सतपाल रायजादा के सवाल पर सरकार ने सदन को अवगत कराया कि ऊना में जल निकासी के लिए 22.48 करोड़ की डीपीआर बनाई थी। अभी तक यह योजना किसी भी मद में स्वीकृत नहीं हुई है।

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