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सेब पर पड़ रही मौसम की बेरुखी की मार
Updated Sun, 12 Nov 2017 09:14 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। मौसम की बेरुखी से बागवान परेशान हैं। बारिश न होने से सेब पर मार पड़ रही है। हर तरफ धूल उड़ रही है, सेब के बागीचों ये धूल जम गई है। करीब डेढ़ माह से बारिश नहीं हो रही है। नवंबर महीने का पहला सप्ताह बीत जाने के बाद भी बारिश नहीं हो रही है। मौसम की मार पड़ने से किसानों का बिजाई का काम प्रभावित हो रहा है। किसान अभी तक मटर, गेहूं, लहसुन, प्याज की बिजाई तक नहीं कर पाए हैं।
इधर, मौसम विभाग के अनुसार आज से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मध्यम क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। नवंबर और दिसंबर महीने में होने वाला हिमपात बागीचों में लगने वाली बीमारियों से निजात दिलाता है। इन दिनों होने वाला हिमपात सेब की फसल और पेड़ों की लंबी उम्र के लिए भी फायदेमंद साबित होता है। इन महीनों में जहां सेब और अन्य पेड़ हिमपात से बीमारियों से रोग मुक्त होते हैं वहीं जमीन में फैले कीट भी खत्म हो जाते हैं।
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शिमला। मौसम की बेरुखी से बागवान परेशान हैं। बारिश न होने से सेब पर मार पड़ रही है। हर तरफ धूल उड़ रही है, सेब के बागीचों ये धूल जम गई है। करीब डेढ़ माह से बारिश नहीं हो रही है। नवंबर महीने का पहला सप्ताह बीत जाने के बाद भी बारिश नहीं हो रही है। मौसम की मार पड़ने से किसानों का बिजाई का काम प्रभावित हो रहा है। किसान अभी तक मटर, गेहूं, लहसुन, प्याज की बिजाई तक नहीं कर पाए हैं।
इधर, मौसम विभाग के अनुसार आज से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मध्यम क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। नवंबर और दिसंबर महीने में होने वाला हिमपात बागीचों में लगने वाली बीमारियों से निजात दिलाता है। इन दिनों होने वाला हिमपात सेब की फसल और पेड़ों की लंबी उम्र के लिए भी फायदेमंद साबित होता है। इन महीनों में जहां सेब और अन्य पेड़ हिमपात से बीमारियों से रोग मुक्त होते हैं वहीं जमीन में फैले कीट भी खत्म हो जाते हैं।
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