जाखू प्रोजेक्ट पर हंगामे के बाद एमसी का सदन स्थगित, गुस्से से टेबल पीटने लगी पार्षद
जाखू रेन हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट पर शनिवार को नगर निगम के सदन में जमकर हंगामा बरपा। पार्षद अर्चना धवन और किमी सूद के बीच हंगामा इतना बढ़ गया कि सदन बीच में ही स्थगित करना पड़ा। प्रोजेक्ट का श्रेय लेने को लेकर जाखू की पार्षद अर्चना धवन ने आपत्ति जताते हुए बड़े घपले का अंदेशा जताया। पूछा कि पार्षद किमी सूद क्यों उनके वार्ड में घुसकर काम करवा रही हैं।
कहा कि जो प्रोजेक्ट बना नहीं, जिसकी क्लीयरेंस नहीं मिली, उसके लिए अवार्ड कैसे ले लिया। सरकार ने अवार्ड देने से पहले जांच क्यों नहीं की। कहा कि भाजपा पार्षद धोखाधड़ी कर रही हैं जिसके लिए वह कोर्ट जाएंगी। जवाब में वेेनमोर वार्ड की पार्षद किमी सूद ने कहा कि 40 लाख का यह प्रोजेक्ट उनके वार्ड के पूर्व पार्षद लाए थे। जाखू हिल्स इसके लिए बेहतर जगह थी, इसलिए वहां प्रोजेक्ट को लगाने की योजना बनी।
पैसा लैप्स न हो, इसके लिए उन्होंने फाइल आगे बढ़ाई। दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि जब 2018 में सदन में इस प्रोजेक्ट को टेंडर मंजूरी के लिए लाया था तो जाखू पार्षद ने इसका विरोध क्यों नहीं किया? इसी सदन ने उस समय इसे पारित किया था। अब जब इसका काम शुरू हुआ तो जाखू पार्षद श्रेय लेने आ गईं। कहा कि उन्हें यहां पट्टिका नहीं लगवानी, जनता का काम करना है। इस मामले पर अब सरकार से बात होगी।
हंगामे के बीच स्थगित करना पड़ा सदन
दोनों पार्षदों में जमकर बहस हुई। निजी मामलों को भी सदन में उछाला गया। पार्षद अर्चना धवन ने टेबल पीटना शुरू कर दिया। पार्षद समझाने लगे लेकिन वह नहीं मानीं। पार्षद सिमी नंदा, राकेश चौहान ने पूछा कि जब अफसरों ने इसका काम शुरू किया तो स्थानीय पार्षद से क्यों नहीं पूछा गया?
किसी को प्राइज, किसी को सरप्राइज वाले मामले पर जब हंगामा नहीं थमा तो चार बजे मेयर ने सदन दस मिनट के लिए स्थगित कर दिया। दोबारा सदन चलने पर भी हंगामा नहीं थमा।
पार्षद बोले, एक दूसरे के वार्ड में करें हस्तक्षेप
पार्षद शैलेंद्र चौहान, सत्या कौंडल, राकेश चौहान, कमलेश मेहता, शैली शर्मा और दिवाकर शर्मा ने कहा कि सभी पार्षद अपने वार्डों में काम करें, दूसरे के एरिया में हस्तक्षेप न करें। पेयजल कंपनी के प्रबंध निदेशक धर्मेंद्र गिल ने कहा कि प्रोजेक्ट बेनमौर के पूर्व पार्षद ही लाए थे, 2018 में इसी सदन ने इसे मंजूरी दी है।
लेकिन वर्तमान में यह जाखू वार्ड में बन रहा है। इसके लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस चाहिए। अर्चना धवन ने कहा कि वह इसे क्लीयरेंस दिलाएंगी। काम बंद नहीं होगा। तय हुआ कि जाखू पार्षद ही इस प्रोजेक्ट का काम करवाएंगी। हालांकि, किमी सूद ने इस पर भी आपत्ति जताई।