फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   एक महीने के भीतर स्कूलों को खरीदनी होंगी अपनी बसें

निजी स्कूलों को एक महीने में करना होगा बसों का बंदोबस्त

Fri, 28 Jun 2019 11:52 AM IST
शिमला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: शिमला ब्यूरो Updated Fri, 28 Jun 2019 11:52 AM IST
विज्ञापन
एक महीने के भीतर स्कूलों को खरीदनी होंगी अपनी बसें

राजधानी शिमला के प्राइवेट और कान्वेंट स्कूलों को एक माह के भीतर स्कूली बच्चों के लिए 4-4 बसों का बंदोबस्त करना होगा। मौजूदा समय में बतौर स्कूल बस सेवाएं दे रहीं एचआरटीसी की बसें शहर के लोकल रूटों पर सेवाएं देंगी। बसों में ओवरलोडिंग खत्म करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत राजधानी के लोगों को सुविधा देने के लिए यह निर्णय लिया है।

विज्ञापन


शहर में परिवहन सेवाओं में सुधार के लिए वीरवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा, विधि एवं संसदीय मामले मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शहर के लोगों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए ओवरलोडिंग पर रोक लगाना जरूरी है। लोगों को आवाजाही के लिए पर्याप्त संख्या में बसें उपलब्ध हों इसके लिए एचआरटीसी की 62 बसें जो प्राइवेट और कान्वेंट स्कूलों के लिए बतौर स्कूल बस सेवाएं दे रही हैं उन्हें लोकल रूटों पर चलाया जाएगा।
विज्ञापन


बैठक में मौजूद स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधन समिति प्रतिनिधियों को एक माह के भीतर स्कूलों के लिए चार-चार बसें खरीदने, लीज पर लेने या कैब का बंदोबस्त करने के आदेश दिए गए। उन्होंने कहा कि शहर के आम लोगों और स्कूली बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को सशक्त करना बेहद जरूरी है, इसी के मद्देनजर एचआरटीसी की स्कूल बसों को पब्लिक के लिए चलाने और स्कूलों को अपने स्तर पर बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन सुविधा का बंदोबस्त करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोनिवि को निर्देश दिए कि जिले में ब्लैक स्पॉट का निरीक्षण करें और जहां पर क्रैश बैरियर लगाने की जरूरत है वहां के लिए डीपीआर तैयार करें। चौपाल में एक जगह ब्लैक स्पॉट इतना खतरनाक हो चुका है वहां से अब तक सड़क हादसे में करीब 24 लोगों की मौत हो चुकी है वहां अब तक क्रैश बैरियर नहीं लगा है।

बस में लिखना होगा ऑपरेटर का नंबर
प्राइवेट बस में अब ड्राइवर की फोटो लगाना अनिवार्य कर दिया है और साथ ही संबंधित बस ऑपरेटर को अपना संपर्क नंबर लिखना जरूरी है। ड्राइवर और कंडक्टरों को वर्दी पहननी होगी। यह फैसला सड़क हादसों से निपटने के लिए लिया है। प्राइवेट बस में स्थायी ड्राईवर कई बार किसी और के हाथ में बस दे देता है जिससे हादसे का अंदेशा बढ़ जाता है। डीसी अमित कश्यप ने बताया कि स्कूलों को बच्चों को लाने ले जाने वाली स्कूल बसों और कैब में सीसीटीवी कैमरे तथा जीपीएस सिस्टम लगाने के आदेश दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ओवरलोडिंग खत्म करने के लिए एचआरटीसी की अतिरिक्त बसों के संचालन का फैसला लिया है।

एचआरटीसी के पास स्टाफ की कमी
एचआरटीसी के पास चालक परिचालकों की कमी के कारण शहर में अतिरिक्त बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। निगम के लोकल डिपो की 62 स्कूल बसों को अगर लोकल रूटों पर चलाया जाता है तो निगम उन रूटों पर भी सेवाएं दे पाएगा जहां स्टाफ की कमी के कारण बसें नहीं चल पा रहीं।


बच्चों के तिमाही पास का क्या होगा, फैसला नहीं
शहर के प्राइवेट और कान्वेंट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने एचआरटीसी की स्कूल बसों के तिमाही पास बना रखे हैं। एचआरटीसी की स्कूल बस सुविधा बंद होने के बाद इन पासों का क्या होगा इस पर अभी तक फैसला नहीं लिया है। जून, जुलाई और अगस्त माह के लिए अभिभावकों ने बच्चों के स्कूल पास बना रखे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed