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ओवरलोडिंग पर शहर में सख्ती, ग्रामीण रूटों पर छूट
Wed, 26 Jun 2019 11:32 AM IST
शिमला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jun 2019 11:32 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बंजार बस हादसे के बाद बसों में ओवरलोडिंग रोकने के लिए सरकार द्वारा चलाया अभियान आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। शहर में लोकल रूटों पर चल रही बसों में ओवरलोडिंग रोकने के लिए सख्ती की जा रही है जबकि ग्रामीण रूटों पर बसों में भारी ओवरलोडिंग हो रही है।
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शहर के कुछ रूटों पर बसों में यात्रियों को खड़े होकर सफर करने से रोका जा रहा है तो कुछ रूटों पर भारी ओवरलोडिंग बदस्तूर जारी है। परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन ने शहरी क्षेत्रों में बसों के निरीक्षण का व्यापक अभियान चला रखा है लेकिन ग्रामीण रूटों पर ओवरलोडिंग रोकने के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे। राजधानी शिमला से ग्रामीण रूटों पर रवाना हो रही बसें ओवरलोड चल रही हैं।
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ग्रामीण रूटों पर सीमित बस सेवा के चलते अनौपचारिक रूप से छूट दी जा रही है। शहर के साथ अलग इलाकों के कई ऐसे रूट हैं जहां एक ही बस चलती है। दूसरा विकल्प न होने के कारण सुबह और शाम दोनों समय इन बसों में भारी ओवरलोडिंग रहती है।
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एसडीएम से मांगी ओवरलोडिंग की रिपोर्ट
परिवहन विभाग ने ग्रामीण रूटों पर बसों में ओवरलोडिंग की रिपोर्ट संबंधित उपमंडल अधिकारियों से मांगी है। प्रदेश सरकार और एचआरटीसी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। आरटीओ शिमला भूपेंद्र अत्री ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर ओवरलोडिंग वाले रूटों पर एचआरटीसी की अतिरिक्त बस सेवा शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे।
फॉरेस्ट कालोनी में उतार दीं सवारियां और खलीनी में बस में चढ़ा दिए दो गुना लोग
शिमला। ओवरलोडिंग रोकने के नाम पर शहर में खानापूर्ति हो रही है। मंगलवार को 1:30 बजे झंझीड़ी से ओल्ड बस स्टैंड जा रही एचआरटीसी की बस से फॉरेस्ट कालोनी के पास स्टैंडिंग सवारियां उतार दीं। लोगों को खलीनी तक पैदल पहुंचना पड़ा। खलीनी बस स्टॉप पर खड़ी प्राइवेट बस में क्षमता से दुगनी सवारियां चढ़ा दीं। लोग खचाखच भरी बस में ओल्ड बस स्टैंड पहुंचे।