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मेधावियों को लैपटॉप मिले न मरीजों को मुफ्त में खाना
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम में पहली बार काबिज भाजपा की कई घोषणाएं जुमलाबाजी तक सिमट गईं। महापौर कुसुम सदरेट ने फरवरी में पेश बजट में शहर के लिए जिन लोक लुभावनी योजनाओं की घोषणा की थीं वह फाइलों से बाहर नहीं निकल रहीं।
दावा किया गया कि दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में जो छात्र नगर निगम एरिया में टॉप करेंगे, उन्हें लैपटॉप देकर सम्मानित किया जाएगा। एचपी बोर्ड की इन दोनों कक्षाओं का रिजल्ट निकले महीना बीत चुका है, लेकिन लैपटॉप देना तो दूर नगर निगम को अभी यही पता नहीं है कि आखिर शहर के टॉपर कौन हैं। नगर निगम ने आईजीएमसी, डीडीयू और केएनएच आदि अस्पतालों में आने वाले गरीब मरीजों और तीमारदारों को निशुल्क खाना मुहैया करवाने की घोषणा भी की थी। निगम रसोई योजना नाम की यह बजट घोषणा भी फाइलों में दबी है। हकीकत यह है कि अभी निगम के पास इसके लिए पैसा ही नहीं है।
अपनी लैब के दावे भी खोखले
महापौर ने दावा किया था कि शहर के बुजुर्गों और महिलाओं को सस्ती टेस्ट सेवा देने के लिए निगम अपनी लैब शुरू करेगा। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि लैब में न कर्मचारी हैं और न ही कोई टेस्ट सुविधा।
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पहले बजट की घोषणाएं भी नहीं हुई पूरी
भाजपा शासित निगम के पहले बजट की कई घोषणाएं अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं। निगम ने बीते साल शहर की महिलाओं को स्वरोजगार को प्रशिक्षित करने के लिए 40 लाख रुपये का बजट रखा था। लेकिन इस योजना पर कोई काम नहीं किया गया। पार्किंग बनाने, एंबुलेंस रोड बनाने जैसी कई घोषणाएं भी लटकी पड़ी हैं। दूसरा बजट पेश किए अभी साढ़े तीन महीने ही हुए हैं लेकिन निगम में अभी तक बजट घोषणाओं को लेकर कोई तैयारी नहीं की है।
मेयर बोलीं, जल्द पूरा करेंगे वायदा
महापौर कुसुम सदरेट ने कहा कि बजट की घोषणाओं को जल्द पूरा करने का प्रयास रहेगा। बोर्ड के टॉपरों को लैपटॉप देने का वायदा जल्द पूरा किया जाएगा। आचार संहिता के चलते बजट घोषणाओं पर काम नहीं कर पाए। इस बार प्रयास रहेगा कि सभी योजनाएं लागू हों।
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शिमला। नगर निगम में पहली बार काबिज भाजपा की कई घोषणाएं जुमलाबाजी तक सिमट गईं। महापौर कुसुम सदरेट ने फरवरी में पेश बजट में शहर के लिए जिन लोक लुभावनी योजनाओं की घोषणा की थीं वह फाइलों से बाहर नहीं निकल रहीं।
दावा किया गया कि दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में जो छात्र नगर निगम एरिया में टॉप करेंगे, उन्हें लैपटॉप देकर सम्मानित किया जाएगा। एचपी बोर्ड की इन दोनों कक्षाओं का रिजल्ट निकले महीना बीत चुका है, लेकिन लैपटॉप देना तो दूर नगर निगम को अभी यही पता नहीं है कि आखिर शहर के टॉपर कौन हैं। नगर निगम ने आईजीएमसी, डीडीयू और केएनएच आदि अस्पतालों में आने वाले गरीब मरीजों और तीमारदारों को निशुल्क खाना मुहैया करवाने की घोषणा भी की थी। निगम रसोई योजना नाम की यह बजट घोषणा भी फाइलों में दबी है। हकीकत यह है कि अभी निगम के पास इसके लिए पैसा ही नहीं है।
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अपनी लैब के दावे भी खोखले
महापौर ने दावा किया था कि शहर के बुजुर्गों और महिलाओं को सस्ती टेस्ट सेवा देने के लिए निगम अपनी लैब शुरू करेगा। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि लैब में न कर्मचारी हैं और न ही कोई टेस्ट सुविधा।
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पहले बजट की घोषणाएं भी नहीं हुई पूरी
भाजपा शासित निगम के पहले बजट की कई घोषणाएं अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं। निगम ने बीते साल शहर की महिलाओं को स्वरोजगार को प्रशिक्षित करने के लिए 40 लाख रुपये का बजट रखा था। लेकिन इस योजना पर कोई काम नहीं किया गया। पार्किंग बनाने, एंबुलेंस रोड बनाने जैसी कई घोषणाएं भी लटकी पड़ी हैं। दूसरा बजट पेश किए अभी साढ़े तीन महीने ही हुए हैं लेकिन निगम में अभी तक बजट घोषणाओं को लेकर कोई तैयारी नहीं की है।
मेयर बोलीं, जल्द पूरा करेंगे वायदा
महापौर कुसुम सदरेट ने कहा कि बजट की घोषणाओं को जल्द पूरा करने का प्रयास रहेगा। बोर्ड के टॉपरों को लैपटॉप देने का वायदा जल्द पूरा किया जाएगा। आचार संहिता के चलते बजट घोषणाओं पर काम नहीं कर पाए। इस बार प्रयास रहेगा कि सभी योजनाएं लागू हों।