{"_id":"5cffd9ecbdec2207097118c4","slug":"156027133118-shimla-news10","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिपन अस्पताल में अब इमरजेंसी में बनाई जाएंगी मरीजों की पर्ची","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिपन अस्पताल में अब इमरजेंसी में बनाई जाएंगी मरीजों की पर्ची
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (रिपन) में अब सुबह के समय इमरजेंसी में भी मरीजों की पर्ची बनेंगी। अस्पताल में नारेबाजी के बाद प्रबंधन ने मौखिक तौर पर यह निर्देश डॉक्टरों को जारी किए हैं। अस्पताल परिसर में लगे मुर्दाबाद के नारों से प्रबंधन की काफी किरकिरी हुई है। अब ताजा व्यवस्था से मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। कई बार पर्ची काउंटर पर कर्मचारी नहीं होते हैं या फिर सर्वर ठप रहता है ऐसे में इंमरजेंसी में पर्ची बनने से लोगों को राहत मिलेगी।
जोनल अस्पताल डीडीयू में सोमवार को मरीजों और तीमारदारों ने पर्ची समय पर न बनने पर जमकर बवाल किया था। मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए थे। अस्पताल कैंपस में अचानक लगे नारों से कुछ देर के लिए माहौल गरमा उठा था। मरीजों और तीमारदारों को शांत करने के लिए सुरक्षा कर्मी मौके पर आए लेकिन लोग शांत नहीं हुए। आधे घंटे तक चले इस बवाल के बाद यह मामला शांत हो पाया लेकिन इससे प्रबंधन की नींद भी खुली है। लोगों का कहना है कि रिपन अस्पताल में हर रोज पर्ची बनाने के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल प्रबंधन को चाहिए कि सुबह के वक्त जब भीड़ अधिक होती है तो कुछ अतिरिक्त कर्मचारी तैनात कर पर्ची बनवाने की व्यवस्था करें। इससे लोगों को राहत मिलेगी।
इमरजेंसी में भी बनाई जाएंगी पर्ची
डीडीयू अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र शर्मा ने कहा कि इमरजेंसी में पर्ची बनाने को कहा है। यह सुविधा पहले से है लेकिन मरीजों को परेशानी न आए इसके लिए दोबारा से निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिमला। दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (रिपन) में अब सुबह के समय इमरजेंसी में भी मरीजों की पर्ची बनेंगी। अस्पताल में नारेबाजी के बाद प्रबंधन ने मौखिक तौर पर यह निर्देश डॉक्टरों को जारी किए हैं। अस्पताल परिसर में लगे मुर्दाबाद के नारों से प्रबंधन की काफी किरकिरी हुई है। अब ताजा व्यवस्था से मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। कई बार पर्ची काउंटर पर कर्मचारी नहीं होते हैं या फिर सर्वर ठप रहता है ऐसे में इंमरजेंसी में पर्ची बनने से लोगों को राहत मिलेगी।
जोनल अस्पताल डीडीयू में सोमवार को मरीजों और तीमारदारों ने पर्ची समय पर न बनने पर जमकर बवाल किया था। मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए थे। अस्पताल कैंपस में अचानक लगे नारों से कुछ देर के लिए माहौल गरमा उठा था। मरीजों और तीमारदारों को शांत करने के लिए सुरक्षा कर्मी मौके पर आए लेकिन लोग शांत नहीं हुए। आधे घंटे तक चले इस बवाल के बाद यह मामला शांत हो पाया लेकिन इससे प्रबंधन की नींद भी खुली है। लोगों का कहना है कि रिपन अस्पताल में हर रोज पर्ची बनाने के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल प्रबंधन को चाहिए कि सुबह के वक्त जब भीड़ अधिक होती है तो कुछ अतिरिक्त कर्मचारी तैनात कर पर्ची बनवाने की व्यवस्था करें। इससे लोगों को राहत मिलेगी।
विज्ञापन
इमरजेंसी में भी बनाई जाएंगी पर्ची
डीडीयू अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र शर्मा ने कहा कि इमरजेंसी में पर्ची बनाने को कहा है। यह सुविधा पहले से है लेकिन मरीजों को परेशानी न आए इसके लिए दोबारा से निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन