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डीसी परिसर की छत क्षतिग्रस्त, खतरा
Updated Sun, 19 Nov 2017 10:42 PM IST
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शिमला। उपायुक्त परिसर भवन की हालत खस्ता हो गई है। भवन की छत अंदर से क्षतिग्रस्त है। क्षतिग्रस्त छत में पानी की निकासी के लिए लगाए गए लोहे के खंभे हवा में झूल रहे हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। परिसर के पास से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। ऐसे में इन सभी लोगों के सिर पर हर समय खतरा मंडरा रहा है, जबकि प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।
डीसी कार्यालय परिसर की दूसरी तरफ बने भवन की छत चारों तरफ से क्षतिग्रस्त हो गई है। क्षतिग्रस्त भवन की छत चारों ओर से खोखली हो गई है। लकड़ियां गल सड़ गई हैं, जो छत से अलग हो गई हैं। यहां तक कि लेंटर से सरिया निकल गया है। पेयजल पाइप को तारों से बांधा गया है। इसके अलावा पानी की निकासी के लिए लगे लोेहे और प्लास्टिक के पाइप हवा में झूल रहे हैं। मौजूदा समय में भवन में एमसी, जिला चुनाव, एडीएम और एडीसी के कार्यालय चल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सुगम कार्यालय है, जहां हर रोज हजारों लोग फॉर्म और लाइसेंस बनवाने के अलावा कई तरह के कार्य करवाने पहुंचते हैं। छत के क्षतिग्रस्त होने से प्रशासन बेखबर है तथा कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। खस्ताहाल भवन में बैठने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि बर्फबारी के दौरान भवन की छत पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, जिससे छत कभी भी गिर सकती है।
सहायक उपायुक्त ज्योति राणा ने कहा कि जिला प्रशासन परिसर में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे, इसके लिए जल्द भवन की मरम्मत शुरू करवाई जाएगी।
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डीसी कार्यालय परिसर की दूसरी तरफ बने भवन की छत चारों तरफ से क्षतिग्रस्त हो गई है। क्षतिग्रस्त भवन की छत चारों ओर से खोखली हो गई है। लकड़ियां गल सड़ गई हैं, जो छत से अलग हो गई हैं। यहां तक कि लेंटर से सरिया निकल गया है। पेयजल पाइप को तारों से बांधा गया है। इसके अलावा पानी की निकासी के लिए लगे लोेहे और प्लास्टिक के पाइप हवा में झूल रहे हैं। मौजूदा समय में भवन में एमसी, जिला चुनाव, एडीएम और एडीसी के कार्यालय चल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सुगम कार्यालय है, जहां हर रोज हजारों लोग फॉर्म और लाइसेंस बनवाने के अलावा कई तरह के कार्य करवाने पहुंचते हैं। छत के क्षतिग्रस्त होने से प्रशासन बेखबर है तथा कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। खस्ताहाल भवन में बैठने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि बर्फबारी के दौरान भवन की छत पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, जिससे छत कभी भी गिर सकती है।
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सहायक उपायुक्त ज्योति राणा ने कहा कि जिला प्रशासन परिसर में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे, इसके लिए जल्द भवन की मरम्मत शुरू करवाई जाएगी।
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