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परीक्षा शाखाओं में अस्थायी कर्मचारी तैनात
Updated Sun, 05 Nov 2017 11:02 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से करीब चार सौ कर्मचारियों के चुनावी ड्यूटी पर चले जाने से पैदा हुई समस्या का हल निकालने के लिए एचपीयू प्रशासन ने दूसरी शाखाओं से कर्मचारियों को अस्थायी तौर पर परीक्षा शाखाओं में तैनात करने की व्यवस्था की है। चुनाव ड्यूटी पर भेजे गए 388 कर्मचारियों के लौटने पर ही विवि की सभी शाखाओं में सामान्य रूप से कामकाज चल सकेगा। तब तक शाखाओं में सिर्फ काम चलाने को ही कर्मी तैनात रहेंगे। कर्मचारियों के जाने से कॉलेजों से रिजल्ट सेटल करवाने को आने वाले मामलों को निपटाना भी मुश्किल हो रहा है। एकमुश्त इतनी अधिक तादाद में कर्मचारियों के चले जाने से खड़ी हुई कर्मचारियों की किल्लत को दूर करना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। राज्य निर्वाचन आयोग के सामने विवि प्रशासन ने ड्यूटी लगाए जाने के समय ही कम से कम परीक्षा शाखाओं से कम संख्या में कर्मियों को ड्यूटी पर लगाने और कॉलेजों में चल रही यूजी की परीक्षाओं को देखते हुए परीक्षा ड्यूटी पर लगे स्टाफ को चुनाव ड्यूटी पर न लगाने का मामला उठाया था, लेकिन उस पर विवि को कोई राहत नहीं मिली। विवि के कुलसचिव प्रो. एसएस नारटा ने माना कि समस्या गंभीर है। बावजूद इसके काम निपटाने के लिए जो कर्मचारी उपलब्ध हैं, उन्हीं से जरूरी शाखाओं में कर्मचारी अस्थायी तौर पर लगाए गए हैं। इससे छात्रों की पूछताछ और रूटीन के कार्य निपटाए जा सकेंगे। परीक्षा तैयारी से संबंधित कार्य सही मायने में कर्मचारियों के वापस लौटने पर ही पूरा हो पाएगा।
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शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से करीब चार सौ कर्मचारियों के चुनावी ड्यूटी पर चले जाने से पैदा हुई समस्या का हल निकालने के लिए एचपीयू प्रशासन ने दूसरी शाखाओं से कर्मचारियों को अस्थायी तौर पर परीक्षा शाखाओं में तैनात करने की व्यवस्था की है। चुनाव ड्यूटी पर भेजे गए 388 कर्मचारियों के लौटने पर ही विवि की सभी शाखाओं में सामान्य रूप से कामकाज चल सकेगा। तब तक शाखाओं में सिर्फ काम चलाने को ही कर्मी तैनात रहेंगे। कर्मचारियों के जाने से कॉलेजों से रिजल्ट सेटल करवाने को आने वाले मामलों को निपटाना भी मुश्किल हो रहा है। एकमुश्त इतनी अधिक तादाद में कर्मचारियों के चले जाने से खड़ी हुई कर्मचारियों की किल्लत को दूर करना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। राज्य निर्वाचन आयोग के सामने विवि प्रशासन ने ड्यूटी लगाए जाने के समय ही कम से कम परीक्षा शाखाओं से कम संख्या में कर्मियों को ड्यूटी पर लगाने और कॉलेजों में चल रही यूजी की परीक्षाओं को देखते हुए परीक्षा ड्यूटी पर लगे स्टाफ को चुनाव ड्यूटी पर न लगाने का मामला उठाया था, लेकिन उस पर विवि को कोई राहत नहीं मिली। विवि के कुलसचिव प्रो. एसएस नारटा ने माना कि समस्या गंभीर है। बावजूद इसके काम निपटाने के लिए जो कर्मचारी उपलब्ध हैं, उन्हीं से जरूरी शाखाओं में कर्मचारी अस्थायी तौर पर लगाए गए हैं। इससे छात्रों की पूछताछ और रूटीन के कार्य निपटाए जा सकेंगे। परीक्षा तैयारी से संबंधित कार्य सही मायने में कर्मचारियों के वापस लौटने पर ही पूरा हो पाएगा।