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पार्किंग बनाने में देरी करने वाले ठेकेदारों से लाखों वसूली की तैयारी
Updated Wed, 14 Feb 2018 10:41 PM IST
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पार्किंग निर्माण में देरी पर तीन ठेकेदारों को डेढ़ करोड़ पेनल्टी
पेनल्टी की फाइल तैयार, दस्तावेज समेत 15 दिन में देना होगा जवाब
संजौली, छोटा शिमला और लिफ्ट स्थित पार्किंग को जारी हुए हैं नोटिस
पार्किंग निर्माण में लेटलतीफी करने वाले ठेकेदारों पर सख्त हुआ नगर निगम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में पार्किंग निर्माण में देरी करने वाले ठेकेदारों को अब लाखों रुपये पेनल्टी चुकानी होगी। नगर निगम ने तीन सबसे बड़ी पार्किंग तैयार कर रहे ठेकेदारों से पेनल्टी के तौर पर करीब 1.50 करोड़ रुपये वसूलने की फाइल तैयार कर ली है। यह पेनल्टी डेडलाइन खत्म होने के बाद कुल लागत का 0.5 फीसदी प्रतिदिन के हिसाब से वसूली जा रही है।
पार्किंग निर्माण का काम देख रहा नगर निगम का प्रोजेक्ट सेल छोटा शिमला और संजौली स्थित मल्टी स्टोरी पार्किंग से करीब 60-60 लाख रुपये पेनल्टी वसूलने जा रहा है। इसी तरह लिफ्ट स्थित पार्किंग से भी करीब 30 लाख रुपये पेनल्टी की फाइल तैयार की गई है। इस बाबत इन पार्किंग संचालकों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। 15 दिन के भीतर इन्हें नोटिस का जवाब देने को कहा गया है। जवाब न देने पर वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। हालांकि, यदि ठेकेदार निर्माण में देरी का पुख्ता कारण बता पाते हैं तो उनकी पेनल्टी की राशि कम हो सकती है।
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दस्तावेज समेत देना होगा नोटिस का जवाब
ठेकेदारों को काम में देरी का जवाब दस्तावेज समेत देना होगा। इन्हें बताना होगा कि आखिर किन कारणों से पांच साल बाद भी तीनों पार्किंग तैयार नहीं हो पाई। ठेकेदार यदि फॉरेस्ट और नगर निगम से क्लीयरेंस न मिलने का दावा करते हैं, तो उन्हें इसकी क्लीयरेंस आदि के दस्तावेज भी दिखाने होंगे। संजौली में बनी पार्किंग का शिलान्यास अप्रैल 2011 में हुआ था। इसका काम 2015 तक पूरा होना था लेकिन यह 2017 तक जारी रहा। इसी तरह छोटा शिमला और लिफ्ट स्थित पार्किंग का काम भी तय सीमा में पूरा नहीं हो पाया है।
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पार्किंग में देरी से शहरवासी, सैलानी परेशान
ये तीनों पार्किंग शहर की सबसे बड़ी पार्किंग हैं। लिफ्ट स्थित पार्किंग में 700, छोटा शिमला में 400 जबकि संजौली स्थित पार्किंग में 500 गाड़ियों को पार्क करने की सुविधा दी जानी है। तीनों ही पार्किंग में गाड़ियां खड़ी की जा रही है, लेकिन निर्माण समय से पूरा नहीं हो पाया। काम में देरी होने से शहरवासियों के साथ साथ यहां आने वाले सैलानियों को भी नगर निगम पार्किंग सुविधा नहीं दे पाया। ऐसे में अब नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
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ठेकेदारों को नोटिस जारी
तय समय सीमा के भीतर पार्किंग तैयार न करने वाले तीन ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। डेडलाइन खत्म होने के बाद से इनसे अब कुल लागत का 0.5 फीसदी प्रतिदिन के हिसाब से पेनल्टी वसूली जाएगी।
रोहित जमवाल, नगर निगम आयुक्त
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पेनल्टी की फाइल तैयार, दस्तावेज समेत 15 दिन में देना होगा जवाब
संजौली, छोटा शिमला और लिफ्ट स्थित पार्किंग को जारी हुए हैं नोटिस
पार्किंग निर्माण में लेटलतीफी करने वाले ठेकेदारों पर सख्त हुआ नगर निगम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में पार्किंग निर्माण में देरी करने वाले ठेकेदारों को अब लाखों रुपये पेनल्टी चुकानी होगी। नगर निगम ने तीन सबसे बड़ी पार्किंग तैयार कर रहे ठेकेदारों से पेनल्टी के तौर पर करीब 1.50 करोड़ रुपये वसूलने की फाइल तैयार कर ली है। यह पेनल्टी डेडलाइन खत्म होने के बाद कुल लागत का 0.5 फीसदी प्रतिदिन के हिसाब से वसूली जा रही है।
पार्किंग निर्माण का काम देख रहा नगर निगम का प्रोजेक्ट सेल छोटा शिमला और संजौली स्थित मल्टी स्टोरी पार्किंग से करीब 60-60 लाख रुपये पेनल्टी वसूलने जा रहा है। इसी तरह लिफ्ट स्थित पार्किंग से भी करीब 30 लाख रुपये पेनल्टी की फाइल तैयार की गई है। इस बाबत इन पार्किंग संचालकों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। 15 दिन के भीतर इन्हें नोटिस का जवाब देने को कहा गया है। जवाब न देने पर वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। हालांकि, यदि ठेकेदार निर्माण में देरी का पुख्ता कारण बता पाते हैं तो उनकी पेनल्टी की राशि कम हो सकती है।
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दस्तावेज समेत देना होगा नोटिस का जवाब
ठेकेदारों को काम में देरी का जवाब दस्तावेज समेत देना होगा। इन्हें बताना होगा कि आखिर किन कारणों से पांच साल बाद भी तीनों पार्किंग तैयार नहीं हो पाई। ठेकेदार यदि फॉरेस्ट और नगर निगम से क्लीयरेंस न मिलने का दावा करते हैं, तो उन्हें इसकी क्लीयरेंस आदि के दस्तावेज भी दिखाने होंगे। संजौली में बनी पार्किंग का शिलान्यास अप्रैल 2011 में हुआ था। इसका काम 2015 तक पूरा होना था लेकिन यह 2017 तक जारी रहा। इसी तरह छोटा शिमला और लिफ्ट स्थित पार्किंग का काम भी तय सीमा में पूरा नहीं हो पाया है।
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पार्किंग में देरी से शहरवासी, सैलानी परेशान
ये तीनों पार्किंग शहर की सबसे बड़ी पार्किंग हैं। लिफ्ट स्थित पार्किंग में 700, छोटा शिमला में 400 जबकि संजौली स्थित पार्किंग में 500 गाड़ियों को पार्क करने की सुविधा दी जानी है। तीनों ही पार्किंग में गाड़ियां खड़ी की जा रही है, लेकिन निर्माण समय से पूरा नहीं हो पाया। काम में देरी होने से शहरवासियों के साथ साथ यहां आने वाले सैलानियों को भी नगर निगम पार्किंग सुविधा नहीं दे पाया। ऐसे में अब नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
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ठेकेदारों को नोटिस जारी
तय समय सीमा के भीतर पार्किंग तैयार न करने वाले तीन ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। डेडलाइन खत्म होने के बाद से इनसे अब कुल लागत का 0.5 फीसदी प्रतिदिन के हिसाब से पेनल्टी वसूली जाएगी।
रोहित जमवाल, नगर निगम आयुक्त