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Shimla News: आईजीएमसी में 140 कर्मचारियों को नहीं मिला दो माह का वेतन
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केएनएच और चमियाना में भी दिक्कत, अधिवेशन में छलका दर्द
परिवार का पोषण करना हुआ मुश्किल : मेहरा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। आईजीएमसी, केएनएच और चमियाना अस्पताल के सफाई, वार्ड अटेंडेंट, ईसीजी तथा लॉंड्री कर्मचारियों को दो माह से वेतन नहीं मिला है।
यह बात सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कालीबाड़ी हॉल में हुए अधिवेशन में कही। सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि आईजीएमसी प्रबंधन और ठेकेदार मजदूरों का शोषण कर रहे हैं। आलम यह है कि एक सौ चालीस वार्ड अटेंडेंट, सफाई और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ को नौकरी से निकालने की साजिश रची जा रही है। इन मजदूरों को दो माह से वेतन नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि यह किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ निर्णायक आंदोलन होगा। अधिवेशन में यूनियन ने फैसला लिया है कि ठेका, आउटसोर्स, फिक्स टर्म, मल्टी पर्पज, मल्टी टास्क, कैजुअल मजदूरों की मांगों को लेकर 30 सितंबर को डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर महासचिव प्रेम गौतम, रमाकांत मिश्रा, यूनियन की ओर से वीरेंद्र लाल, नोखराम, सीता राम, निशा, सरीना, सुरेंद्रा, प्रवीण, भूमि, संदीप, अनुज, चमन, वनीता, राजेंद्र, धनी राम, संजीव, सुनीता, लेखराज, वंदना और सुनीता मौजूद रहीं।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
अधिवेशन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। मजदूर नेताओं ने कहा कि आईजीएमसी में न्यूनतम वेतन लागू करने, ईपीएफ, ईएसआई, छुट्टियों, आठ घंटे के कार्य दिवस, हर माह सात तारीख से पूर्व वेतन भुगतान, बोनस, चेंजिंग रूम, दो वर्दी सेट आदि मुद्दों का समाधान नहीं हुआ है। ठेकेदार श्रम कानूनों की खुलकर अवहेलना कर रहे हैं। उन्होंने चेताया है कि अगर श्रम कानून लागू नहीं किए तो आंदोलन उग्र किया जाएगा।
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परिवार का पोषण करना हुआ मुश्किल : मेहरा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। आईजीएमसी, केएनएच और चमियाना अस्पताल के सफाई, वार्ड अटेंडेंट, ईसीजी तथा लॉंड्री कर्मचारियों को दो माह से वेतन नहीं मिला है।
यह बात सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कालीबाड़ी हॉल में हुए अधिवेशन में कही। सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि आईजीएमसी प्रबंधन और ठेकेदार मजदूरों का शोषण कर रहे हैं। आलम यह है कि एक सौ चालीस वार्ड अटेंडेंट, सफाई और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ को नौकरी से निकालने की साजिश रची जा रही है। इन मजदूरों को दो माह से वेतन नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि यह किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ निर्णायक आंदोलन होगा। अधिवेशन में यूनियन ने फैसला लिया है कि ठेका, आउटसोर्स, फिक्स टर्म, मल्टी पर्पज, मल्टी टास्क, कैजुअल मजदूरों की मांगों को लेकर 30 सितंबर को डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर महासचिव प्रेम गौतम, रमाकांत मिश्रा, यूनियन की ओर से वीरेंद्र लाल, नोखराम, सीता राम, निशा, सरीना, सुरेंद्रा, प्रवीण, भूमि, संदीप, अनुज, चमन, वनीता, राजेंद्र, धनी राम, संजीव, सुनीता, लेखराज, वंदना और सुनीता मौजूद रहीं।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
अधिवेशन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। मजदूर नेताओं ने कहा कि आईजीएमसी में न्यूनतम वेतन लागू करने, ईपीएफ, ईएसआई, छुट्टियों, आठ घंटे के कार्य दिवस, हर माह सात तारीख से पूर्व वेतन भुगतान, बोनस, चेंजिंग रूम, दो वर्दी सेट आदि मुद्दों का समाधान नहीं हुआ है। ठेकेदार श्रम कानूनों की खुलकर अवहेलना कर रहे हैं। उन्होंने चेताया है कि अगर श्रम कानून लागू नहीं किए तो आंदोलन उग्र किया जाएगा।
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