हैंडपंप के पानी से बने राजमा-चावल खाकर 14 प्रशिक्षु बीमार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हैंडपंप के पानी से बने राजमा-चावल खाकर एकल विद्यालय के 14 प्रशिक्षु बीमार हो गए हैं। बुधवार देर रात 13 लड़कियों और एक लड़के को अचानक उल्टी, दस्त और चक्कर आने लगे। वीरवार सुबह ददाहू अस्पताल के डॉक्टरों ने मौके पर पहुंचकर इनका उपचार किया।
ओआरएस के पैकेट और जरूरी दवाइयां देकर बीमार प्रशिक्षुओं को आराम की सलाह दी गई है। बताया जा रहा है कि 5 से 11 मई तक रेणुकाजी के कुबजा पवेलियन में एकल विद्यालय का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है।
शिविर में शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के 40 प्रशिक्षु हिस्सा ले रहे हैं। प्रशिक्षुओं को हैंडपंप का पानी न पीने को सचेत किया था लेकिन इनमें से कुछ ने इसका पानी खाना बनाने में इस्तेमाल कर लिया।
संचालकों के फूले हाथ-पांव
बीमार होने वालों में आदर्श (22), तनुजा, अंजली, चांदनी, गिरजा, कौशल्या, रंजू, साक्षी, सपना व शीतल (सभी 19 साल), रीमा (27), पुष्पलता (20), चारू (19) और अनिल (22) शामिल हैं।
सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम बनाकर मौके पर भेज दी थी। प्रशिक्षुओं की तबीयत हैंडपंप का दूषित पानी पीने से बिगड़ी है। उन्होंने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। सभी को हैंडपंप का पानी न पीने की सलाह दी गई है।
प्रशिक्षुओं के बीमार पड़ने से संचालकों के हाथ-पांव फूल गए हैं। मौके पर पहुंचे मीडिया को संचालकों ने फोटो तक नहीं लेने दिया। संचालकों ने कहा कि इस मामले को तूल न दें। रेणुका विकास बोर्ड के सीईओ रविंद्र गोयल ने बताया कि सभी को हैंडपंप का पानी न पीने को कहा गया था।