10 साल में स्कूल शिक्षा बोर्ड के 14 सचिव बदले, इनका रहा सबसे लंबा कार्यकाल
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स्कूल शिक्षा बोर्ड में प्रशासनिक अधिकारी प्रभात शर्मा के बाद किसी भी सचिव को लंबे समय तक काम करने का मौका नहीं मिला है। बोर्ड के पिछले करीब दस साल के इतिहास में प्रभात शर्मा का कार्यकाल करीब पौने चार साल रहा है, जबकि उनके बाद सात साल में बोर्ड में 14 सचिव बदल गए हैं।
इसमें सबसे कम कार्यकाल अक्षय सूद और शुभकर्ण का रहा है। अक्षय सूद ने करीब एक माह और शुभकर्ण ने करीब दो माह तक ही बोर्ड में बतौर सचिव सेवाएं दीं। श्रवण मांटा और मस्तराम भारद्वाज को भी बोर्ड के सचिव का अतिरिक्त कार्यभार एक-एक माह के लिए सौंपा गया।
स्कूल शिक्षा बोर्ड का कार्य नकल रहित निष्पक्ष परीक्षा का संचालन कर उसके परिणाम घोषित करने सहित पाठ्यक्रम और शिक्षा विभाग की अन्य गतिविधियों में भी बोर्ड की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में बोर्ड सचिव जैसे अहम पद पर अधिकारियों को मात्र एक से दो माह का कार्यकाल बोर्ड की गतिविधियों को खासा प्रभावित कर रहा है।
पिछले दस साल ये रहे शिक्षा बोर्ड के सचिव
प्रभात शर्मा अक्तूबर 2008 से जून 2012
अश्वनी चौधरी जुलाई 2012 से जनवरी 2013
राखिल काहलों जनवरी 2013 से फरवरी 2014
बलबीर ठाकुर मार्च 2014 से जून 2014
डॉ हरीश गज्जू जून 2014 से जनवरी 2015
बलबीर ठाकुर जनवरी 2015 से मई 2015
विनय धीमान मई 2015 से मार्च 2016
श्रवण मांटा मार्च 2016 से अप्रैल 2016
डॉ मेजर विशाल शर्मा अप्रैल 2016 से मई 2017
शुभकर्ण सिंह मई 2017 से जुलाई 2017
मस्तराम भारद्वाज जुलाई 2017 से अगस्त 2017
अक्षय सूद अगस्त 2017 से सितंबर 2017
अश्वनी राज शाह सितंबर 2017 से जनवरी 2018
डॉ हरीश गज्जू जनवरी 2018 से जुलाई 2019