14 साल बाद रोहतांग दर्रे पर सितंबर में हुई 10 सेंटीमीटर बर्फबारी
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समुद्रतल से 13050 फुट ऊंचे रोहतांग दर्रे पर 14 वर्षों बाद सितंबर माह में 10 सेंटीमीटर हिमपात हुआ है। शनिवार सुबह रोहतांग घूमने गए सैलानियों के लिए 22 सितंबर का दिन यादगार साबित हुआ है।
इन पर्यटकों ने ताजा बर्फ के फाहों में भरपूर आनंद लिया। ठंड से बेपरवाह पर्यटकों ने खूब मस्ती की। बर्फबारी से उत्साहित सैलानियों ने सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो परिजनों से शेयर किए।
करीब दस सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी होने से रोहतांग दर्रे पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। वहीं, रोहतांग दर्रे में समय से पहले बर्फबारी होने से व्यवसायियों के चेहरे पर भी चहक उठे हैं। वे सीजन के लिए हिमपात को अच्छा मान रहे हैं।
निगम की बस भी कुंजम दर्रा से लौट आई
शुक्रवार रात से मौसम खराब रहने से रोहतांग दर्रे के साथ कुंजुम दर्रा, बारालाचा में बर्फबारी होने से लाहौल-स्पीति जिला का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। शनिवार को कुल्लू से काजा गई निगम की बस भी कुंजम दर्रा से लौट आई है।
कुंजम दर्रे में 15 सेंटीमीटर बर्फ होने की सूचना है। दर्रा बंद होने से स्पीति घाटी जिला मुख्यालय केलांग व जिला कुल्लू से कट गई है। एचआरटीसी केलांग के आरएम मंगल चंद मनेपा ने कहा कि घाटी के पहाडि़यां ताजा बर्फबारी से सफेद हो गई हैं।
मनाली होटल एसोसिएशन के प्रधान अनूप राम ठाकुर ने बताया कि सितंबर में बर्फबारी होना पर्यटन के लिए वरदान है। इससे दशहरा सीजन में मनाली के कारोबारियों को लाभ होगा।
12 बजे के बाद रोहतांग के लिए वाहनों पर रोक
रोहतांग पर हुई ताजा बर्फबारी के चलते मनाली और लाहौल की ओर जाने वाले वाहनों पर रोक लगा दी गई है। मनाली के गुलाबा और लाहौल के कोकसर से वाहनों को वापस भेजा जा रहा है।
डीएसपी मनाली शेर सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह सैलानियों को लेकर रोहतांग गए वाहनों को बर्फबारी को देखते हुए वापस भेज दिया था। 12 बजे के बाद किसी भी वाहन को रोहतांग नहीं भेजा गया।
मनाली में स्थित एचआरटीसी के बुकिंग अधिकारी नेक राम ने बताया कि 12 बजे तक मनाली से लाहौल की ओर जाने वाली बसों को जाने दिया गया है। दोपहर दो बजे से जाने वाली बस को कोठी से वापस बुलाया गया है। जबकि लाहौल से आने वाली बसों को कोकसर में ही रोक दिया गया है।