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ग्रीन फीस की वसूली जल्द कर सकता है नगर निगम

Mon, 24 Jul 2017 10:38 PM IST
Updated Mon, 24 Jul 2017 10:38 PM IST
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ग्रीन फीस की वसूली जल्द कर सकता है नगर निगम
अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। नगर निगम जल्द ही शहर में बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक और अन्य वाहनों से ग्रीन फीस वसूली शुरू करने की तैयारी कर रहा है। मार्च माह से सिर्फ ग्रीन फीस न चुकाने वालों से वसूल की जाने वाली पेनल्टी की दरों में कमी लाने की वजह से मामला लटका हुआ है। इस पर जल्द ही नगर निगम प्रशासन फैसला लेने की तैयारी कर रहा है। ग्रीन फीस वसूली शुरू होने से नगर निगम को सालाना करीब बारह करोड़ की आय अनुमानित है। दिसंबर 2016 में नगर निगम के सदन से बाकायदा पास होने के बाद मार्च में ग्रीन फीस वसूलने की प्रक्रिया राजधानी में शुरू की जानी थी। मगर फीस अदा न करने वालों से पांच हजार की फीस वसूले जाने की दर अधिक होने के कारण फीस वसूली का मामला लटक गया था। नगर निगम कमिश्नर के बदले जाने और उसके बाद नगर निगम चुनाव की तैयारियाें जैसे कई कारणों से पेनल्टी कम करने पर फैसला नहीं हो सका। अब जबकि नया नगर निगम चुनकर आ गया है, तो नगर निगम प्रशासन अब पेनल्टी की दरें कम करने पर जल्द फैसला ले सकता है।
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जल्द लेंगे पेनल्टी कम करने पर फैसला : आयुक्त
नगर निगम के आयुक्त जीसी नेगी ने माना कि बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों से ग्रीन फीस लेना जल्द शुरू होगा। ग्रीन फीस न चुकाने वालों से पांच हजार की तय की गई दरों को कम करने को लेकर होटल मालिकों और अन्य लोगों से आई मांग को देखते हुए पेनल्टी की जायज दर तय करने पर जल्द फैसला ले लिया जाएगा। आयुक्त ने कहा फीस वसूल करने की प्रक्रिया, तरीकों, निगरानी रखने की जिम्मेदारियों के साथ सभी तैयारियां पहले ही तय हैं। उन्होंने कहा कि पेनल्टी दो हजार तक करने की मांग थी।
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ये तय की गई थी वाहनों से वसूली जाने वाली फीस दरें
नगर निगम ने दोपहिया वाहनों से 50 रुपये, चौपहिया वाहनों से 200 और बड़े वाहनों के लिए तीन सौ रुपये ग्रीन फीस की दरें तय की हैं। इसके चुकाने वाले के लिए सात दिन की वैद्यता तय की गई है। अर्धवार्षिक और वार्षिक पास बनवाने का भी प्रावधान है।
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सुंदरीकरण, सफाई, पार्किंग जैसे कार्य पर व्यय होनी है राशि
नगर निगम ग्रीन फीस से सालाना होने वाली अनुमानित बारह करोड़ की आय से शहर के सुंदरीकरण, सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने, पर्यटकों की सुविधा को नई पार्किंग निर्माण जैसे कार्यों पर व्यय किया जाना है।

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आवासीय प्रमाण पत्र पर ही मिलेगी छूट
शहर में रहने वाले बाहरी राज्यों की गाड़ी नंबर के मालिकों को पार्षद से जारी किए जाने वाले आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर ग्रीन फीस से छूट का प्रावधान भी रखा गया है। जिसके लिए बाकायदा पास जारी होंगे।
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