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शहर में नौ नई पार्किंग बनाएगा निगम, 400 से ज्यादा वाहन हो सकेंगे खड़े

Sat, 12 Jan 2019 11:48 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sat, 12 Jan 2019 11:48 AM IST
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शहर में बनेंगी नौ नई पार्किंग

शहरवासियों को पार्किंग की सुविधा देने के लिए इस साल शहर में नौ बड़ी पार्किंग बनाई जाएंगी। नगर निगम अम्रुत मिशन के तहत बालूगंज, खलीनी, ढली, संजौली, समरहिल, कैैथू और कच्चीघाटी में नई पार्किंग बनाने जा रहा है। इनके बनने से चार सौ से अधिक वाहनों को खड़ा करने की सुविधा मिलेगी। वार्डों के लोगों को अब सड़क किनारे गाड़ियां पार्क नहीं करनी पड़ेंगी।

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निगम प्रशासन के अनुसार ढली में 2.45 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी पार्किंग बनाई जाएगी। मल्टी स्टोरी इस पार्किंग के एक फ्लोर में कामर्शियल कांपलेक्स की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा संजौली और खलीनी में भी मल्टी स्टोरी पार्किंग बनाने की योजना है। नगर निगम ने इन पार्किंग के लिए टेंडर भी कॉल कर दिए हैं। 18 जनवरी तक इनके लिए आवेदन किए जा सकेंगे। निगम प्रशासन के अनुसार ज्यादातर पार्किंग का काम छह माह के भीतर पूरा किया जाएगा जबकि ढली पार्किंग को एक साल में तैयार किया जाएगा।
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कहां कितनी लागत से बनेगी पार्किंग
वार्ड लागत
ढली कम्यूनिटी सेंटर के पास 2.45 करोड़
सेंट जेवियर स्कूल संजौली 1.66 करोड़
हाई स्कूल खलीनी 1.27 करोड़
ढींगूधार संजौली 91 लाख
बालूगंज बाजार 61.12 लाख
समरहिल, रेन शेल्टर के पास 62.50 लाख
घोड़ाचौकी, कच्चीघाटी 18.50 लाख
प्राइमरी स्कूल चक्कर 31 लाख
थापा हाउस कैथू 12 लाख
लोगों को मिलेगी सुविधा
शहर में पार्किंग के कई नए प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे हैं। इनके टेंडर किए जा रहे हैं। नगर निगम जल्द से जल्द इनका काम पूरा कर शहरवासियों को पार्किंग की समस्या से निजात दिलाएगा।
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कुसुम सदरेट, महापौर नगर निगम शिमला

काम पूरा नहीं किया तो लैप्स होगा पैसा
नगर निगम को अम्रुत मिशन के तहत मिले बजट को मार्च 2020 तक हर हाल में खर्च करना होगा। ऐसा न करने पर पैसा लैप्स हो जाएगा। नगर निगम ने मिशन के तहत बनने वाले ज्यादातर प्रोजेक्टों का काम छह माह में ही शुरू किया है। लेटलतीफी के चलते काफी पैसा लैप्स होने की भी आशंका है। देखना होगा कि निगम ने पार्किंग, सामुदायिक केंद्र और कामर्शियल कांपलेक्स जैसे प्रोजेक्ट तो बनाए हैं लेकिन इनका काम एक साल के भीतर पूरा होता है या नहीं। इस पर संशय है।

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